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RPF Vacancy : आरपीएफ भर्ती परीक्षा में डिवाइस से पेपर सॉल्व कराने वाला गिरफ्तार,  अभ्यर्थी भी धरा गया

Wed, 12 Mar 2025 01:02 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में डिवाइस के जरिये पेपर सॉल्व कराने का खेल पकड़ा गया। सरायइनायत स्थित परीक्षा केंद्र पर डिवाइस के साथ पहले अभ्यर्थी और फिर केंद्र के बाहर बैठकर पेपर सॉल्व कराने वाला गिरफ्तार किया गया।
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गिरफ्तार। - फोटो : stock.adobe
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रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में डिवाइस के जरिये पेपर सॉल्व कराने का खेल पकड़ा गया। सरायइनायत स्थित परीक्षा केंद्र पर डिवाइस के साथ पहले अभ्यर्थी और फिर केंद्र के बाहर बैठकर पेपर सॉल्व कराने वाला गिरफ्तार किया गया।

आरपीएफ की कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के लिए आईटेक जोन सुनीता सिंह सीता सिंह महिला महाविद्यालय अंदावा को भी केंद्र बनाया गया था। डीसीपी गंगानगर कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया कि सोमवार को ऑनलाइन परीक्षा के दौरान गतिविधियां संदिग्ध होने पर कक्ष निरीक्षकों ने एक अभ्यर्थी की तलाशी लेने का प्रयास किया।

उसने विरोध किया तो पुलिस को बुलाया गया। पुलिस के सामने तलाशी ली गई तो उसके कान में ईयरबड जैसी एक छोटी डिवाइस लगी मिली। यह कान के अंदर लगाई गई थी। बाहर से इसे देख पाना संभव नहीं था। सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने अपना नाम सुजीत कुमार मौर्य निवासी जंसा बाजार वाराणसी बताया। यह भी बताया कि उसे यह डिवाइस उसके ही मोहल्ले के राजीव कुमार वर्मा उर्फ राजू ने दी। वह केंद्र के बाहर से इसी डिवाइस के जरिये उसे पेपर सॉल्व करा रहा था।

पूछताछ में हुए चौंकाने वाले खुलासे

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इसके बाद उसकी निशानदेही पर जैन मंदिर के पास से राजीव को भी हिरासत में ले लिया गया। दोनों को थाने लाकर पूछताछ की गई तो चौंकाने वाले खुलासे हुए। राजीव ने बताया कि उसने पांच लाख में सुजीत को पेपर सॉल्व कराने की डील की थी। एक लाख रुपये एडवांस लिए थे और उसे दो डिवाइस दी थी। इनमें से एक ब्लूटूथ डिवाइस है, जिसे सुजीत ने कान में लगाया था और दूसरी सिम लगी मोबाइल डिवाइस थी। उसे उसने पैर में घुटने के नीचे रबर बैंड से बांध रखा था। सिम के जरिये ही डिवाइस से कनेक्ट कर वह ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से उसे पेपर सॉल्व करा रहा था। डीसीपी ने बताया कि दोनों को परीक्षा अधिनियम समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है।

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जाली मार्कशीट भी बनाने का शक

डीसीपी ने बातया कि आरोपी के कब्जे से डिवाइस के अलावा एक मोबाइल, 16 मार्कशीट, चार चेकबुक सहित 77 चेक, चार शपथपत्र, तीन मोबाइल, तीन पासबुक, निवास प्रमाणपत्र, उद्यम रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र, पर्स बरामद हुआ है। इनमें से नौ मार्कशीट जाली हैं। ऐसे में इस बात की भी आशंका है कि वह जाली मार्कशीट भी बनवाता हो। इस बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल, उसने यही बताया है कि पेपर सॉल्व कराने के नाम पर वह एडवांस रकम के साथ अभ्यर्थियों से उनके शैक्षिक प्रमाणपत्र भी ले लेता था। पेमेंट मिलने के बाद वह इन्हें वापस करता था।

पूर्व में जा चुका है जेल

एसीपी चंद्रपाल सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह बात भी सामने आई है कि आरोपी पूर्व में बीएड परीक्षा में भी पेपर सॉल्व करा चुका है। इस मामले में वह वाराणसी के ही मंडुवाडीह थाने से जेल भी जा चुका है। फिलहाल, अब तक कि पूछताछ में उसने यही बात बताई है कि इस काम को वह अकेले ही करता था। उसका अन्य कोई सहयोगी नहीं है। उसकी कॉल डिटेल रिपोर्ट निकलवाई जा रही है, ताकि पता चल सके कि वह किन लोगों के संपर्क में था।

कपड़ों की दुकान चलाता है आरोपी

आरोपी वाराणसी के जंसा बाजार में ही कपड़ों की दुकान चलाता है। उसने पूछताछ में यह भी बताया कि वह डिजिटल लाइब्रेरी के आसपास घूमकर ऐसे छात्रों की तलाश करता था, जो प्रतियाेगी परीक्षाओं में अभ्यर्थी हों। इसके बाद वह उनसे पेपर सॉल्व कराने की डील करता था। यह भी बताया कि उसने डिवाइस ऑनलाइन खरीदी थी। उधर, अभ्यर्थी सुजीत ने बताया कि उसके पिता किसान हैं।

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