पश्चिम बंगाल के राज्यपाल पं. केशरी नाथ त्रिपाठी ने शनिवार को भुखमरी और अशिक्षा के विरुद्ध रोटरी क्लब की विश्वव्यापी मुहिम को सराहा। कहा कि दिव्यांगों के लिए कृतिम अंगों के विकास, पुनर्वास के लिए केंद्रों की स्थापना और पोलियो उन्मूलन में क्लब के योगदान से प्रेरणा ली जानी चाहिए। उन्होंने इस तरह नि:स्वार्थ मानव सेवा करने वाले संस्थानों की आवश्यकता पर बल दिया। कहा कि आज ऐसे संस्थानों की आवश्यकता है जो देश के साथ कदम मिलाकर विकास में योगदान दे सकें।
रोटरी इलाहाबाद के मानव सेवा के 75 वर्ष पूरे होने के बाद शनिवार को सिविल लाइंस स्थित एक होटल में आयोजित समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने डॉक विभाग की ओर से जारी रोटरी के विशेष लिफाफे का अनावरण किया। इस मौके पर उन्होंने रोटरी के विभिन्न क्षेत्रों में किए गए सेवा कार्यों की चर्चा की। उन्होंने कहा कि रोगियों के लिए ब्लड बैंक, मुफ्त नेत्र शिविरों के अलावा गांवों को गोद लेकर वहां शिक्षा, चिकित्सा और विकास की अलख जगाना बेहद सराहनीय कदम हैं। इससे पहले रोटरी क्लब के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने अतिथियों का स्वागत किया और वर्ष भर के कार्यक्रमों की रूपरेखा पर विस्तार से जानकारी दी। फिला फाउंडेशन के सचिव डॉ. मनीषी बंसल ने रोटरी की 1943 से अब तक की यात्रा पर रोशनी डाली। इसके बाद रोटरी के पूर्व अध्यक्ष प्रो. योगेश्वर तिवारी और संजीव गोयल की ओर से संपादित ‘रोटरी इलाहाबाद के 75 वर्ष-एक गौरवशाली यात्रा’ स्मारिका का विमोचन किया गया। इस मौके पर डॉक विभाग के अफसर एसके राय, डॉ. आरएन मिश्रा, रोटरी की मंडलाध्यक्ष स्तुति अग्रवाल, सचिव संजीव गोयल, ओपी बजाज, संजय शर्मा, साद उस्मानी, प्रमोद बंसल, रवि जायसवाल, आनंद वैश्य, डॉ. अभिलाषा, डॉ. अवनींद्र अग्रवाल समेत तमाम लोग उपस्थित थे। संचालन अनिरुद्ध सिंह और संचिता मिश्रा ने किया।