इलाहाबाद। बेगम बाजार बम्हरौली स्थित एक परीक्षा केंद्र में लेखपाल भर्ती परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों ने जमकर हंगामा किया। अभ्यर्थियों का आरोप था कि कक्ष निरीक्षक एक परीक्षार्थी को नकल करा रहे थे। हंगामा बढ़ने पर मौके पर पहुंची धूमनगंज पुलिस ने मामला शांत कराया। शिकायत डीएम तक पहुंची तो उन्होंने इस पूरे मामले में जांच के आदेश जारी कर दिए और धूमनगंज पुलिस को निर्देश दिया कि शिकायत करने वाला अभ्यर्थी अगर कंप्लेन दर्ज कराता है तो पुलिस भी अपने स्तर से जांच कर एफआईआर दर्ज करे।
बेगम बाजार बम्हरौली स्थित इंद्रजीत साहू कमला देवी पब्लिक स्कूल में रविवार को आयोजित लेखपाल भर्ती परीक्षा के दौरान उस वक्त हंगामा हो गया, जब परीक्षा दे रहे दिनेश सिंह नाम के छात्र ने आरोप लगाया कि उसके कमरे में तैनात दोनों कक्ष निरीक्षक एक अभ्यर्थी को नकल करा रहे हैं। दिनेश का आरोप है कि विरोध करने पर स्कूल में उसके साथ बदसलूकी की गई और मारपीट भी हुई।
नकल की बात सामने आने पर अन्य अभ्यर्थियों ने भी हंगामा शुरू कर दिया। बाद में धूमनगंज थाने की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले को शांत कराया। इस बीच शिकायत डीएम कौशल राज शर्मा तक पहुंच गई। डीएम ने परीक्षा के नोडल अधिकारी एवं सीआरओ भाईलाल सरोज को मामले में जांच के आदेश दे दिए। डीएम ने बताया कि दिनेश के आरोप पर दोनों कक्ष निरीक्षकों के नाम नोट कर लिए गए हैं। अगर जांच में दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इसके अलावा धूमनगंज थाने की पुलिस को भी निर्देश दिया है कि शिकायतकर्ता दिनेश सिंह को ढूंढा जाए और अगर वह कंप्लेन करता है तो उसकी शिकायत दर्ज की जाए।
लेखपाल भर्ती परीक्षा के दौरान हर परीक्षा केंद्र में आधे कक्ष निरीक्षकों को मानदेय मिला और आधे कक्ष निरीक्षकों को खाली हाथ लौटना पड़ा। ऐसे में तमाम केंद्रों में मानदेय को लेकर कक्ष निरीक्षकों ने काफी हंगामा किया। दरअसल, परीक्षा आयोजित करा रही एजेंसी ने अपने हिस्से की रकम परीक्षा से पहले ही चेक के माध्यम से केंद्र व्यवस्थापकों को उपलब्ध करा दी लेकिन शासन अपना अंशदान नहीं दे सका। अफसरों का कहना है कि जिन 50 फीसदी कक्ष निरीक्षकों को मानदेय नहीं मिल सका है, उन्हें इसी हफ्ते भुगतान हो जाएगा।
लेखपाल भर्ती परीक्षा के लिए जितने केंद्र बनाए गए हैं, उनमें से प्रत्येक केंद्र के हर कमरे में दो-दो कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी। इनमें से एक कक्ष निरीक्षक के लिए परीक्षा का आयोजन करा रही निजी एजेंसी को मानदेय का भुगतान करना था और दूसरे कक्ष निरीक्षक के मानदेय का भुगतान जिला प्रशासन को करना था। ऐसे में एजेंसी और जिला प्रशासन को 50-50 फीसदी मानदेय देना था। परीक्षा से पहले एजेंसी ने केंद्र व्यवस्थापकों को अपने कक्ष निरीक्षकों के मानदेय की धनराशि चेक के माध्यम से उपलब्ध करा दी लेकिन शासन की ओर से जिला प्रशासन का अंशदान जारी नहीं हो सका।
ऐसे में परीक्षा के दौरान आधे कक्ष निरीक्षकों को मानदेय मिला और आधे कक्ष निरीक्षक खाली हाथ रह गए। जिन्हें मानदेय नहीं मिला, उन्होंने इसको लेकर हंगामा शुरू कर दिया। शांति देवी इंटर कॉलेज पोंगहट में तो देर शाम तक हंगामा होता रहा और अफसर कक्ष निरीक्षकों का मनाने में लगे रहे। डीएम कौशल राज शर्मा ने बताया कि प्रशासन से समय से प्रस्ताव भेज दिया था। उम्मीद है कि एक-दो दिन में शासन मानदेय की धनराशि जारी कर देगा और इसी हफ्ते कक्ष निरीक्षकों को मानदेय का भुगतान करा दिया जाएगा।