इलाहाबाद में रिवर फ्रंट डेवलपमेंट का काम अब रफ्तार पकड़ेगा। केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2015-16 के बजट में नमामि गंगे योजना के लिए 4176 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। यह रकम यूपी और उत्तराखंड के लिए स्वीकृत हुई है। इस रकम में से ही बड़ा हिस्सा इलाहाबाद को भी मिलने की उम्मीद है। इससे गंगा की सफाई से जुड़े अन्य काम भी होंगे।
इसके तहत इलाहाबाद में रिवर फ्रंट डेवलपमेंट का काम होना है। नोडल एजेंसी इलाहाबाद विकास प्राधिकरण ने शहर के अंदर और बाहर गंगा-यमुना के किनारे के क्षेत्रों में रिवर फ्रंट डेवलपमेंट का खाका तैयार किया। शहर के अंदर तेलियरगंज में गंगा के किनारे चंद्रशेखर सेतु से बमरौली के आगे गयासुद्दीन पुर कछार तक, चंद्रशेखर सेतु से ही शिवकुटी, दारागंज होकर संगम तक एवं यमुना बैंक रोड पर नए पुल से बोट क्लब तक तथा शहर के बाहर फाफामऊ, झूंसी और अरैल में करीब 65 किलोमीटर रिवर फ्रंट डेवलपमेंट की योजना बनाई जा रही है।
एडीए ने नए पुल से बोट क्लब तक डेवलपमेंट के लिए डिजाइन भी तैयार कर ली है, जबकि सिंचाई विभाग चंद्रशेखर सेतु से दारागंज तक तथा अरैल के लिए योजना तैयार कर रहा है। इसके तहत बांध, पक्के घाट, वॉकिंग ट्रैक, पिकनिक स्पॉट आदि के काम होने हैं। एडीए और सिंचाई विभाग पहले चरण में करीब 650 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं। नमामि गंगे योजना में ही एसटीपी निर्माण, सीवरेज, पंपिंग स्टेशन, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, नालों का डायवर्जन आदि काम भी होने हैं। अब बजट में इसके लिए रकम की व्यवस्था हो गई है सो उम्मीद जताई जा रही है कि यह काम अप्रैल के बाद शुरू होंगे। ऐसा इसलिए भी कि केंद्र सरकार ने करीब दो माह पहले ही प्रदेश सरकार को रिवर फ्रंट डेवलपमेंट का प्रोजेक्ट तैयार कर भेजने को कहा था।