प्रयागराज। इविवि छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष ऋचा सिंह के अकादमिक कॅरियर पर भी खतरा मंडरा रहा है। हॉस्टल न छोड़ने पर ऋचा के शोध पंजीकरण एवं शोध छात्रा के रूप में अतिरिक्त अवधि विस्तार संबंधी प्रक्रिया निलंबित रखने के लिए कुलपति को अनुशंसा की गई है। चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे और डीएसडब्ल्यू प्रो. हर्ष कुमार की ओर से सोमवार को जारी किए गए नोटिस में ऋचा को इस बात की जानकारी दी गई।
यूजीसी और राष्ट्रीय महिला आयोग से इविवि के महिला हॉस्टल में गड़बड़ी की शिकायत करने वाली पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह को आठ दिसंबर तक एचओआर हॉस्टल खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया था। इसके साथ ही ऋचा को पांच दिसंबर को कारण बताओ नोटिस भी दिया गया था। ऋचा हॉस्टल के कमरा नंबर 301 में रहती हैं। इविवि प्रशासन की ओर से ऋचा को एक और नोटिस जारी करते हुए कहा गया कि 10 दिसंबर की शाम तक वह कमरा खाली करके उसकी चाभी हॉस्टल अधीक्षक के कार्यालय को सौंप दें। निर्धारित समय में नोटिस का जवाब न देने और हॉस्टल न छोड़ने पर जिला एवं पुलिस प्रशासन के सहयोग से अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे का कहना है कि ऋचा की शोध अवधि के पांच साल अगस्त में पूरे हो चुके हैं और उन्होंने छह माह के अवधि विस्तार के लिए आवेदन दे रखा है। अगर ऋचा हॉस्टल नहीं छोड़ती हैं तो शोध विस्तार संबंधी प्रक्रिया निलंबित कर दी जाएगी। उधर, ऋचा सिंह का कहना है कि वह दिल्ली में हैं और उन्हें कोई नोटिस नहीं मिला है। उनकी अकादमिक हत्या विश्वविद्यालय के लिए नजीर बनेगी। उन्होंने हमेशा कानून का आदर किया है और करती रहेंगी। उनके असुरक्षित होने से ज्यादा महत्वपूर्ण विश्वविद्यालय की 12 छात्राओं की सुरक्षा और उनका अस्मितापूर्ण जीवन है।