नैनी। घूरपुर के मोहद्दीपुर में मारे गए राहुल और आशु के शवों को पोस्टमार्टम के बाद घर ले जाते वक्त शाम करीब साढे़ पांच बजे रीवा रोड पर रखकर लोगों ने चक्काजाम कर दिया। जाम दो जगह लगाया गया। रीवा रोड पर डांडी के पास दोनों शव रखकर चक्काजाम किया गया जबकि मामा-भांजा क्षेत्र में पावर स्टेशन के सामने भीड़ ने यूं ही सड़क पर खड़े होकर यातायात बाधित कर दिया। सीओ और एसडीएम ने उचित मुआवजा और शस्त्र लाइसेंस दिलाने के साथ ही चक्काजाम करने में मुकदमा नहीं लिखने का भरोसा दिया तब जाकर दो घंटे बाद शव उठाकर लोग वहां से गए।
वैसे तो पुलिस अधिकारियों को पहले ही आशंका थी कि पोस्टमार्टम के बाद लोग शव रखकर जाम लगा सकते हैं। इसी वजह से पोस्टमार्टम हाउस पर कई थानों की पुलिस के साथ अफसर मौजूद रहे। शाम पांच बजे राहुल और आशु के शव लेकर परिजन और रिश्तेदार रवाना हुए तो पुलिस की भी जीप साथ लग गई। उधर, नैनी में रीवा रोड पर दो जगहों पर जाम लगाने की तैयारी के बारे में पुलिस को भनक लग गई थी। और यही हुआ भी। मृतकों में एक आशु नैनी में डांडी का रहने वाला था। उसके घर के पास भीड़ जमा थी। वहां पहुंचते ही राहुल और आशु के शवों को गाड़ी से उतारकर सड़क पर रख लोगों ने यातायात रोक दिया। पुलिसवाले दूर खड़े रह गए।
वहां बसपा की शहर पश्चिमी विधायक पूजा पाल, करछना विधायक दीपक पटेल और बसपा नेता राजबली जैसल भी पहुंच गए। लोगों ने दोनों परिवार को 10-10 लाख रुपये और तीन-तीन शस्त्र लाइसेंस दिलाने तथा जाम लगाने में किसी पर मुकदमा नहीं लिखने की मांग की। एसडीएम करछना राजकुमार द्विवेदी और सीओ समरबहादुर ने लोगों को समझाया। साथ ही शासन की ओर मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये का चेक सौंपकर कहा कि आगे भी सहायता दी जाएगी। बताया कि घायलों के भी परिजनों को एक-एक लाख रुपये का चेक दिया गया है। शस्त्र लाइसेंस के बारे में भी विचार किया जाएगा। काफी समझाने पर करीब दो घंटे बाद चक्काजाम खत्म हुआ।
मोहद्दीपुर गांव में हुए हत्याकांड के आरोपी द्विवेदी परिवार के बारे में चौंकाने वाली जानकारी मिली है। पुलिस को पता चला है कि यह परिवार मूल रूप से औद्योगिक क्षेत्र के बेलवट पूरा पांडेय गांव का रहने वाला था। आपराधिक पृष्ठभूमि के बावजूद इस परिवार के तीन भाइयों राकेश, राजेश और वशिष्ठ के पास लाइसेंसी बंदूक हैं। पता चला है कि राकेश को अपने पिता श्रीनारायण द्विवेदी का शस्त्र लाइसेंस वरासत में मिला था। श्री नारायण का देहांत हो चुका है। पुलिस को लोगों ने बताया कि अपने मूल गांव में एक हत्याकांड के ही यह परिवार भागकर मोहद्दीपुर आ गया था। मगर चौंकाने वाली बात है कि आपराधिक पृष्ठभूमि के बावजूद परिवार के तीन सगे भाइयों के पास तीन शस्त्र लाइसेंस हैं। इस बाबत एसपी यमुनापार आशुतोष मिश्रा का कहना है कि इस बारे में जांच की जाएगी। आरोपियों के सभी शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने के लिए रिपोर्ट दी जाएगी।
आमतौर पर कत्ल की ज्यादातर घटनाओं में दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश की बात सामने आती है लेकिन इस घटना में पुलिस का कहना है कि ऐसा नहीं था। एसपी यमुनापार आशुतोष मिश्रा का कहना है कि गांव वालों से बातचीत में पता चला है कि दलित बस्ती में राकेश द्विवेदी का इकलौता ब्राह्मण परिवार है। इस परिवार की दलितों से पहले भी कहासुनी की बात सामने आई है। राकेश के घर के सामने ही सामुदायिक भवन है जहां जुटने वाले दलित लड़कों से भी कई बार झड़प हुई। मगर कोई दुश्मनी जैसी बात नहीं थी। यह घटना तो सिर्फ चार रुपयों के चक्कर में हो गई।