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Prayagraj : पीडब्ल्यूडी के रिटायर्ड अधीक्षण अभियंता 10 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट, 22.50 लाख ठगे

Tue, 18 Nov 2025 01:01 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) से रिटायर्ड अधीक्षण अभियंता को नौ दिनों तक डिजिटल अरेस्ट कर 22.50 लाख रुपये की चपत लगा दी गई। ठगों ने खुद को मुंबई के ईडी व सीबीआई का अफसर बताया।
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digital arrest - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) से रिटायर्ड अधीक्षण अभियंता को नौ दिनों तक डिजिटल अरेस्ट कर 22.50 लाख रुपये की चपत लगा दी गई। ठगों ने खुद को मुंबई के ईडी व सीबीआई का अफसर बताया। कहा कि उनके खाते से गैर कानूनी लेनदेन हो रहा है। फिर सत्यापन का झांसा देकर रुपये ट्रांसफर करवा लिए। पुलिस ने ठगाें के खिलाफ सोमवार को प्राथमिकी दर्ज कर ली है।

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शिवकुटी थाना क्षेत्र के रहने वाले अधीक्षण अभियंता के मोबाइल फोन पर तीन नवंबर को अन्जान नंबर से फोन आया। कहा कि वह मुंबई पुलिस से बोल रहे हैं। आपका बैंक खाता केनरा बैंक में है। इस खाते में कई बार गैर कानूनी तरीके से लेनदेन हुआ है। केस सॉल्व करने के लिए मुबंई आना होगा। उन्होंने इससे इन्कार किया तो शातिर ने वीडियो कॉल की और डिजिटल अरेस्ट कर लिया। बैंक खाते का सत्यापन करने के लिए सारी जानकारी हासिल कर लीं।

इसके बाद वीडियो कॉलिंग पर एक अन्य शातिर ने बात की जिसने खुद को ईडी का अफसर बताया। बैंक खाता सत्यापन करने के नाम पर पीड़ित पर लगातार दबाव बनाने लगे। यह सिलसिला तीन से 12 नवंबर तक तक चलता रहा। इसी बीच ठगों ने उनके बैंक खाते से कई बार में कुल 22.50 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिया।

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धमकी दी, तबीयत बिगड़ी

पीड़ित ने पुलिस को बताया कि वह ठगों के जंजाल में फंसने के बाद सहम गए थे। उन्हें धमकी दी गई कि किसी को जानकारी हुई तो उनके खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी करवा दिया जाएगा। इस दौरान उन्होंने अपने परिवार और अन्य लोगों से बातचीत बंद कर दी। डर की वजह से उनकी तबीयत भी बिगड़ने लगी थी।

बैंक खाता नंबर से ठगों की पहचान कर रही पुलिस

पीड़ित ने पुलिस को बताया कि शातिरों ने कई बार में अलग-अलग बैंक खातों में रुपये ट्रांसफर करवाए हैं। साइबर पुलिस इन सभी बैंक खाता नंबरों को चिह्नित कर रही है। पुलिस ने एक बैंक खाता नंबर की जानकारी निकाली है।

ठगी से ऐसे बचें

- कभी पुलिस डिजिटल अरेस्ट नहीं करती है, अगर कोई वारंट होगा तो पुलिस घर आएगी।
- अन्जान नंबर पर बिलकुल भरोसा न करें, कोई डराए तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।
- अन्जान नंबर से आए वीडियो कॉल पर पुलिस की वर्दी में कोई कॉल करें तो फोन काट दें।
- साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्प लाइन नंबर 1930 या फिर cybercrime.in पर सूचना देंं।
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साइबर जालसाज ने इविवि के असिस्टेंट प्रोफेसर से 1.18 लाख ठगे

साइबर जालसाज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के असिस्टेंट प्रोफेसर से 1.18 लाख ठग लिए। कर्नलगंज थाना पुलिस ने अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज की है। प्राथमिकी के मुताबिक, प्राचीन इतिहास विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर अरविंद कुमार ने बताया कि मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से फोन आया। बदमाश ने खुद को बैंक का अधिकारी बताकर एसबीआई के दो क्रेडिट कार्ड की जानकारी मांग ली। इसके थोड़ी देर बाद दो बार में खाते से 1,18,104 रुपये कट गए। कर्नलगंज पुलिस मोबाइल नंबर के आधार पर जालसाज की पहचान में जुट गई है। कर्नलगंज थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि जांच की जा रही है। 
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