धमकी दी, तबीयत बिगड़ी
पीड़ित ने पुलिस को बताया कि वह ठगों के जंजाल में फंसने के बाद सहम गए थे। उन्हें धमकी दी गई कि किसी को जानकारी हुई तो उनके खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी करवा दिया जाएगा। इस दौरान उन्होंने अपने परिवार और अन्य लोगों से बातचीत बंद कर दी। डर की वजह से उनकी तबीयत भी बिगड़ने लगी थी।
बैंक खाता नंबर से ठगों की पहचान कर रही पुलिस
पीड़ित ने पुलिस को बताया कि शातिरों ने कई बार में अलग-अलग बैंक खातों में रुपये ट्रांसफर करवाए हैं। साइबर पुलिस इन सभी बैंक खाता नंबरों को चिह्नित कर रही है। पुलिस ने एक बैंक खाता नंबर की जानकारी निकाली है।
ठगी से ऐसे बचें
- कभी पुलिस डिजिटल अरेस्ट नहीं करती है, अगर कोई वारंट होगा तो पुलिस घर आएगी।
- अन्जान नंबर पर बिलकुल भरोसा न करें, कोई डराए तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।
- अन्जान नंबर से आए वीडियो कॉल पर पुलिस की वर्दी में कोई कॉल करें तो फोन काट दें।
- साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्प लाइन नंबर 1930 या फिर
cybercrime.in पर सूचना देंं।
साइबर जालसाज ने इविवि के असिस्टेंट प्रोफेसर से 1.18 लाख ठगे
साइबर जालसाज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के असिस्टेंट प्रोफेसर से 1.18 लाख ठग लिए। कर्नलगंज थाना पुलिस ने अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज की है। प्राथमिकी के मुताबिक, प्राचीन इतिहास विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर अरविंद कुमार ने बताया कि मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से फोन आया। बदमाश ने खुद को बैंक का अधिकारी बताकर एसबीआई के दो क्रेडिट कार्ड की जानकारी मांग ली। इसके थोड़ी देर बाद दो बार में खाते से 1,18,104 रुपये कट गए। कर्नलगंज पुलिस मोबाइल नंबर के आधार पर जालसाज की पहचान में जुट गई है। कर्नलगंज थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि जांच की जा रही है।