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जिला पंचायत सदस्य का चुनाव परिणाम निरस्त करने पर रोक

Sat, 05 Jun 2021 07:02 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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court - फोटो : अमर उजाला
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गोरखपुर में जिला पंचायत सदस्य के चुनाव का परिणाम घोषित होने व प्रमाणपत्र जारी होने के बाद परिणाम निरस्त कर दूसरे प्रत्याशी को विजयी घोषित करने के आदेश पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने नोटिस जारी कर राज्य सरकार, चुनाव आयोग व विपक्षी देव शरण से जवाब मांगा है।
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यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज नकवी एवं न्यायमूर्ति जयंत बनर्जी की खंडपीठ ने राम अचल की याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता अमरेन्द्र नाथ सिंह व अधिवक्ता सौरभ सिंह और आयोग के अधिवक्ता तेन सिंह को सुनकर दिया है।

वरिष्ठ अधिवक्ता का कहना था कि उप्र क्षेत्र एवं जिला पंचायत (सदस्य चुनाव)नियमावली 1994 के नियम 54 के तहत एक बार चुनाव परिणाम घोषित कर प्रमाणपत्र प्रदान करने के बाद चुनाव अधिकारी को पुनर्मतगणना कराने व  घोषित परिणाम निरस्त कर दूसरे प्रत्याशी को विजयी घोषित करने का अधिकार नहीं रह जाता। इसे केवल चुनाव याचिका में चुनौती दी जा सकती है। चुनाव अधिकारी ने क्षेत्राधिकार से परे जाकर दुर्भावनापूर्ण व विधिविरुद्ध आदेश किया है, जो कानून की नजर में अवैध है।
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मामले के तथ्यों के अनुसार गत चार मई को जिला पंचायत सदस्य का चुनाव परिणाम घोषित हुआ। बसपा प्रत्याशी याची को लगभग साढ़े चार सौ वोट से विजयी घोषित कर प्रमाणपत्र भी जारी कर दिया गया।विपक्षी सपा प्रत्याशी देव शरण की आपत्ति पर पुनर्मतगणना कराई गई, जिसमें वह 147 वोटों से विजयी घोषित हुआ और उसके बाद पूर्व घोषित परिणाम निरस्त कर देव शरण को विजयी घोषित कर दिया गया।
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