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बिजली विभाग के कर्मचारियों के तबादले पर रोक

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प्रयागराज। बिजली विभाग में बिना नीति तय किए कर्मचारियों के स्थानांतरण को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। कोर्ट ने पूर्वांचल और पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के कर्मचारियोें के तबादले पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने दोनों निगमों से इस मामले में जवाब तलब किया है। राजीव मिश्रा और 19 अन्य की याचिका पर यह आदेश अश्विनी कुमार मिश्र ने दिया है। याचिका पर आठ सप्ताह के बाद सुनवाई होगी।
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याचीगण की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी और विभू राय का कहना था कि याचीगण बिजली विभाग में तृतीय श्रेणी कर्मचारी हैं। उनका स्थानांतरण एक मंडल से दूसरे मंडल में कर दिया गया है। जबकि विभाग में कोई केंद्रीय वरिष्ठता सूची नहीं बनी है। इस स्थिति में स्थानांतरण के बाद नए स्थान पर कर्मचारियों की वरिष्ठता शून्य हो जाएगी और वह अपने से कनिष्ठ के जूनियर हो जाएंगे।
हाईकोर्ट ने इस मामले में पावर कारपोरेशन से जवाब मांगा था। कारपोरेशन के अधिवक्ता का कहना था कि विभाग सभी मंडलों को सम्मालित कर रहा है। ताकि कर्मचारियों की सेवाएं स्थानांतरणीय हो सकें। इस प्रक्रिया चल रही है। इसके जवाब मेें याचीगण के अधिवक्ता का कहना था कि अभी तक इस मामले में नियमावली में कोई संशोधन नहीं किया गया है, इस स्थिति में स्थानांतरण नहीं किया जा सकता है। कोर्ट ने याचीगण के स्थानांतरण पर रोक लगाते हुए छह सप्ताह में कारपोरेशन के वकील को अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
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