Response summoned for making a waiting list in VDO recruitment
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ग्राम विकास अधिकारियों की भर्ती में प्रतीक्षा सूची तैयार नहीं किए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर राज्य सरकार और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से जवाब मांगा है। यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने शिवाकांत पांडेय और तीन अन्य की याचिका पर दिया है। याची का कहना है कि भर्ती में 25 फीसदी से अधिक अभ्यर्थियों के चयन की व्यवस्था की गई है। और प्रतीक्षा सूची तैयार न करने का फैसला लिया गया। 3133 पद विज्ञापित हुए। पांच जून 2016 को लिखित परीक्षा हुई। 2947 अभ्यर्थियों का ही चयन किया गया। कई लोगों ने ज्वाइन नहीं किया जिसकी वजह से पद खाली रह गए हैं। 25 फीसदी अधिक लोगों का चयन भी नहीं किया गया न ही कोई प्रतीक्षा सूची बनाई गई। याचीगण के अंक कट ऑफ मार्क की मेरिट से ठीक नीचे हैं। प्रतीक्षा सूची बनाए जाने से याचीगण का चयन हो सकता है किंतु मनमाने तौर पर उनकी उपेक्षा की जा रही है। कोर्ट ने छह सप्ताह में जवाब मांगा है।