जूनियर एडेड शिक्षक भर्ती-2021 की विज्ञप्ति तीन नवंबर को जारी कर दी गई जिसमें पूरे प्रदेश के स्कूलों से आए अधियाचन शामिल किया गया है। 15 नवंबर से फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू होगी। पांच वर्षों के संघर्ष के बाद विज्ञप्ति जारी होने पर अभ्यर्थियों में खुशी की लहर दौड़ गई लेकिन कई वर्गों का आरक्षण शून्य घोषित कर दिया गया है। इससे अभ्यर्थियों में निराशा भी है।
जूनियर एडेड शिक्षक भर्ती के प्रदेश अध्यक्ष नागेन्द्र पाण्डेय ने बताया कि ईडब्लूएस, एसटी और क्षैतिज आरक्षण (पूर्व सैनिक, दिव्यांग एवं स्वतंत्रता सेनानियों) का आरक्षण शून्य घोषित कर दिया गया है। वहीं ओबीसी और अनुसूचित जातियों का आरक्षण कम दिखाया जा रहा है। इससे अभ्यर्थियों में निराशा है। उच्च अधिकारियों से वार्ता करने पर बताया गया कि स्कूल को इकाई माना गया है। इसलिए कई वर्गों का आरक्षण नहीं मिल पा रहा है जबकि टीजीटी और पीजीटी में भी इसी तरह की आरक्षण प्रक्रिया का पालन किया जाता है। वहां सभी वर्गों को आरक्षण मिलता है।
19 सितंबर को जारी संयुक्त सचिव के शासनादेश में भी अद्यतन आरक्षण की व्यवस्था के अनुसार ही आरक्षण देने की बात कही गई थी, फिर अचानक से यह परिवर्तन क्यों हुआ। अगर सभी वर्गों को उचित और सांविधानिक आरक्षण नहीं मिलता है तो अभ्यर्थी अपने अधिकार के लिए न्यायालय की शरण लेंगे। इस दौरान डॉ. राजेश सिंह, जितेंद्र शुक्ला, नवरत्न पाण्डेय, विपिन, महेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।