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Prayagraj News: इतिहास शोध की नई राहों से रूबरू होंगे शोधार्थी

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इविवि के मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास विभाग में प्री-पीएचडी कोर्स वर्क का उद्घाटन किया गया। स्रो - फोटो : संगठन
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के मध्यकालीन व आधुनिक इतिहास विभाग में मंगलवार को इतिहास विषय के शोधार्थियों के प्री-पीएचडी कोर्स वर्क का उद्घाटन किया गया। मुख्य अतिथि विभाग के पूर्व आचार्य प्रो. हेरंब चतुर्वेदी ने कहा कि इविवि के इतिहासकारों की विशिष्ट कार्यशैली है। इसे इलाहाबाद स्कूल ऑफ हिस्ट्री के नाम से जाना जाता है। इसकी विश्व स्तर पर अलग पहचान है।
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कोर्स समन्वयक डॉ. पीएस हरीश ने कहा कि कोर्स वर्क के दौरान शोधार्थियों को शोध पद्धति के साथ-साथ कंप्यूटर के उपयोग, साहित्यिक चोरी (प्लेगरिज्म) से बचाव और ऑनलाइन संसाधनों के प्रभावी उपयोग का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
विशिष्ट अतिथि जीबी पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान की प्रो. अर्चना सिंह ने कहा कि शोधार्थियों को अन्य विषयों की शोध विधियों व दृष्टिकोणों की जानकारी भी प्राप्त करना चाहिए। इविवि के केंद्रीय लाइब्रेरी के अध्यक्ष डॉ. बीके सिंह ने कहा कि ऑनलाइन संसाधनों ने शोध के नए अवसर खोले हैं लेकिन साहित्यिक चोरी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के दुरुपयोग जैसी चुनौतियां भी सामने आई हैं। इसके प्रति शोधार्थियों को सजग रहना होगा।
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ईश्वर शरण महाविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. धीरज चौधरी ने शोध विषयों के चयन में समसामयिक समस्याओं और सामाजिक सरोकारों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। अध्यक्षता विभागाध्यक्ष प्रो. आलोक प्रसाद ने की। संचालन डॉ. संतोष कुमार और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. कुलदीप कुमार मिश्र ने किया। इस मौके पर डॉ. आनंद प्रताप चंद, डॉ. चंद्रभान यादव, डॉ. शिवशंकर श्रीवास्तव, डॉ. नीरज सिंह, डॉ. रफाक अहमद, डॉ. शिप्रा नंदन, डॉ. अंजुल, सुशील यादव, प्रांजल बरनवाल आदि मौजूद रहे।
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