इविवि में शोध प्रवेश परीक्षा को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। व्यवस्था के विपरीत कई विभागों में अलग से प्रवेश परीक्षा कराई जा रही है। इससे अभ्यर्थियों में जबरदस्त रोष है। ऐसे में रिजल्ट घोषित होने के बाद एक बार फिर धरना-प्रदर्शन तथा विवाद हाईकोर्ट में जाने की आशंका बन गई है। इसके अलावा अन्य तरह के विवादों की वजह से कई विभागों में साक्षात्कार भी स्थगित कर दिया गया है।
यूजीसी की ओर से शोध पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए एक परीक्षा का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा विश्वविद्यालय की नियमावली में भी सिर्फ एक परीक्षा की व्यवस्था है, जो एडमिशन सेल कराता है। इसके बाद एकेडमिक रिकार्ड और साक्षात्कार के आधार पर चयनितों की अंतिम सूची तैयार की जाती है। ज्यादातर विभाग इसी व्यवस्था का पालन करते हैं, लेकिन कई में एडमिशन सेल के अलावा एक और परीक्षा कराई जाती है।
इसे लेकर पिछले साल काफी विवाद हुआ था। प्रवेश प्रक्रिया महीनों बाधित भी रही। इसके बावजूद यह विवाद बना हुआ है तथा कई विभागों में इस बार भी एक और परीक्षा की घोषणा की गई है। अभ्यर्थी खुलकर अभी नहीं बोल रहे हैं, लेकिन उन्हाेंने डीन से इसकी शिकायत की है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि यह सब कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए किया जा रहा है।