भारतीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपलआईटी) में विद्यार्थियों को अनुसंधान एवं नए प्रयोगों के लिए मजबूत मंच मिला है। संस्थान के सेंटर फॉर इंटेलिजेंट रोबोटिक्स में एसटीईएम और नवाचार केंद्र की स्थापना की गई है। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. टीजी सीताराम ने बुधवार को इसका उद्घाटन किया।
मुख्य अतिथि प्रो. सीताराम ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप ऐसे प्रयास नवाचारकों और सृजनकर्ताओं को प्रोत्साहित करने में अहम हैं। सेंटर फॉर इंटेलिजेंट रोबोटिक्स प्रमुख प्रो. जीसी नंदी ने बताया कि नया केंद्र विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अभियांत्रिकी और गणित (एसटीईएम) की शिक्षा के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित मंच प्रदान करेगा।
यह केंद्र एआई आधारित उत्पाद विकास और समाज हित में नवाचार अनुसंधान के प्रसार पर केंद्रित रहेगा। संस्थान के निदेशक प्रो. मुकुल एस. सुतावाने ने कहा कि यह केंद्र न केवल छात्रों और फैकल्टी के लिए प्रशिक्षण का आधार बनेगा बल्कि प्रयोगशाला उपकरणों की सुविधा तथा डिजिटल कंटेंट निर्माण के लिए भी समर्पित होगा।
कुलसचिव डॉ. मंदार एस. कार्यकर्ते ने साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग,मैथमेटिक्स शिक्षा को कक्षा एक से 12 तक ले जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि इसमें तकनीकी संस्थानों व उद्योग जगत का सहयोग परिवर्तनकारी भूमिका निभा सकते हैं। डॉ. सूर्य प्रकाश ने सेंटर के बारे में बताया।
कृत्रिम बुद्धिमता पर सम्मेलन आज से, पढ़े जाएंगे 103 शोध पत्र
प्रयागराज। मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के कंप्यूटर विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभाग की ओर से कृत्रिम बुद्धिमता एवं अगली पीढ़ी के नेटवर्क पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन बृहस्पतिवार से शुरू होगा।
इसमें शोधकर्ता, उद्योग जगत के अग्रणी और शिक्षाविद कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स, 5जी-6जी संचार, आईओटी और इंटेलीजेंट नेटवर्क के क्षेत्र में विकास पर चर्चा करेंगे। सम्मेलन के लिए विभिन्न देशों से 576 शोधपत्र प्राप्त आए थे। इनमें से 103 शोधपत्र सम्मेलन में पढ़े जाएंगे।
इन्हें 21 तकनीकी सत्रों में पढ़ा जाएगा। सम्मेलन में कतर विश्वविद्यालय के प्रो. पीएन सुगंथन, आईआईटी इंदौर के प्रो. राम बिलाश पचोरी, आईआईटी मंडी के डॉ. आदित्य निगम समेत आठ प्रमुख लोगों के व्याख्यान भी होंगे। ब्यूरो