इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से ऑक्सीजन की कमी बताकर मरीजों को लौटाने वाले लखनऊ के दो अस्पतालों पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। कोर्ट ने कहा कि लखनऊ के हर्ष हास्पिटल और सन हास्पिटल में ऑक्सीजन होने के बावजूद मरीजों को ऑक्सीजन नहीं होने का बहाना बनाकर क्यों लौटाया गया। इस पर सरकार ने दोनों अस्पतालों के खिलाफ क्या कार्रवाई की है। कोर्ट ने देश में टीके की कमी पर केंद्र सरकार से रिपोर्ट मांगी है। पूछा है कि रूसी टीके स्पुतनिक के आयात की क्या स्थिति है। अदालत ने सुझाव दिया है कि यदि देश में टीके की कमी है तो इसे विदेशों से आयात किया जाए।
स्वत: प्रेरित जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति अजीत कुमार की पीठ ने मेरठ के अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी से पांच मरीजों की मौत को लेकर डीएम मेरठ के हलफनामे को असंतोषजनक माना। कोर्ट ने डीएम को बेहतर जानकारी के साथ हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। वहीं केंद्र और राज्य सरकार से कोरोना संक्रमण से पैदा हुए हालात पर आगे की कार्यवाही की जानकारी मांगी है। हाईकोर्ट के निर्देश पर राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव मतगणना की सीसीटीवी फुटेज कोर्ट में पेश की। पिछली सुनवाई पर कोर्ट ने लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, गाजियाबाद, मेरठ, गौतमबुद्ध नगर और आगरा में हुई मतगणना की सीसीटीवी फुटेज पेश करने का निर्देश दिया था।
न्यायमूर्ति की मौत मामले में इलाज का ब्योरा मांगा
इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज न्यायमूर्ति वीके श्रीवास्तव की कोविड से मौत के मामले में अदालत ने राज्य सरकार से उनके इलाज का ब्योरा मांगा है। जस्टिस श्रीवास्तव पहले राममनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती थे। जहां इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप है। बाद में उनको एसजीपीजीआई में भर्ती कराया गया था। हाईकोर्ट के निर्देश पर अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने प्रदेश सरकार की ओर से रिपोर्ट पेश की थी, जिसमें पूरे इलाज का ब्योरा नहीं था। हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष अमरेंद्र नाथ सिंह ने वकीलों के टीकाकरण के लिए अलग काउंटर बनाने की मांग की। याचिका की अगली सुनवाई 11 मई को होगी।