इलाहाबाद (ब्यूरो)। समाजवादी पार्टी की ओर से बुधवार को समाजवादी चिंतक एवं विचारक डॉ. राम मनोहर लोहिया की पुण्यतिथि मनाई गई। इस मौके पर नेताओं एवं पदाधिकारियों ने सिविल लाइंस स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद पार्टी के जिला कार्यालय में हुई गोष्ठी में वक्ताओं ने डॉ.लोहिया को देश में समाजवादी आंदोलन का अगुवा तथा मन, वचन और कर्म से पूर्णतया समाजवादी बताया।
कहा कि आज वह अपने जीवन से अधिक प्रासंगिक प्रतीत होते हैं, क्योंकि वे जिन विसंगतियों से लड़ते रहे, आज भी भारतीय समाज में यथावत हैं। अध्यक्षता कर रहे जिलाध्यक्ष कृष्ण मूर्ति सिंह यादव ने कहा कि डॉ.लोहिया की सोच और जीवन का लक्ष्य भी समाजवादी मूल्यों पर आधारित था। एमएलसी वासुदेव यादव एवं विधायक सत्यवीर मुन्ना ने कहा कि राष्ट्रीय एकता, धर्म निर्पेक्षता और साम्प्रदायिक सद्भाव के लिए वह अंतिम समय तक कटिबद्ध रहे। गोष्ठी में रामपूजन पटेल, पूर्व महानगर अध्यक्ष केके श्रीवास्तव, विनोद चंद्र दुबे, लल्लन राय, महबूब उस्मानी, गुलाब सिंह यादव, पंधारी यादव, संतोष सक्सेना, सुधा सिंह, रेखा उपाध्याय, डॉ.संजय यादव आदि बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।
श्रीज्ञान पुस्तकालय एवं वाचनालय में लोहिया की पुण्यतिथि पर ‘राजनीति में अपराधियों का संरक्षण, मजबूरी या सत्ता प्राप्त करने का साधन’ विषय पर गोष्ठी हुई। इसमें लोकतंत्र रक्षक सेनानी के राष्ट्रीय सचिव राजेश गुप्ता ने कहा कि जब तक जनता सम्प्रदाय, जाति के नाम पर अपराधियों को अपना आदर्श मानकर और उनके कहने पर वोट देगी, राजनीति में अपराधियों का प्रवेश नहीं रुक सकता। कहा कि स्पष्टवादी डॉ.लोहिया ने कभी वोट की परवाह नहीं की, इसलिए लोकसभा का चुनाव नहीं जीत सके। गोष्ठी में संयोजक रोशन लाल भारतीय, शिव शंकर सिंह, रिदम सिंह गुप्ता, मोहम्मद सलमान, शशिकांत शुक्ला, राधेश्याम दुबे, अर्पिता उपाध्याय, रजा इस्माइल आदि शामिल थे। ये मुहिम है इंकलाब की एवं राइट्स फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में लोहिया की पुण्यतिथि मनाई गई। इस मौके पर हुई गोष्ठी में संस्था के निदेशक सलिल श्रीवास्तव ने कहा कि आज समाज को अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एवं आने वाली पीढ़ी को बौद्धिक बनाने के लिए लोहिया जैसी विभूतियो का अनुसरण करना होगा। गोष्ठी में सत्यम राय, अक्षित वशिष्ठ, प्रखर श्रीवास्तव, कपिल पटेल, यशार्थ श्रीवास्तव, प्रत्युष गुप्ता, रजत रावत, रितेश श्रीवास्तव आदि शामिल थे। लोकतंत्र रक्षक सेनानी समिति की ओर से भी लोहिया की पुण्यतिथि मनाई गई।