यह है मामला
प्रॉपर्टी डीलर ने आराेप लगाया है कि 2014-15 में झूंसी स्थित 22 बीघा व मदरी की चार बीघा जमीन दिलाने के लिए उसने फरहान, आशिफ उर्फ मल्ली, चन्द्रजीत यादव से सौदा किया। इसके बाद फराहन व मल्ली को को 10-10 लाख नकद दिए। कुछ समय बाद फरहान जेल चला गया तो मल्ली ने जमीन दिलाने का जिम्मा लिया। 2019 में उसने 3.50 लाख अपने खाते और 2 लाख अपने साथी के खाते में लिए।
2022 में चंद्रजीत यादव ने बैनामा कराने के नाम पर 21.35 लाख रुपये पत्नी के खाते में आरटीजीएस व 18.65 लाख नकद लिए। नौ जून को रात आठ बजे जब वह परिचित इहतेशाम आसिफ संग बमरौली जा रहा था तो राजस्थान स्वीट हाउस के पास मल्ली, चंद्रजीत यादव, माशूक अहमद व एक अन्य ने उसे कार से खींचकर स्कॉर्पियो में भर लिया और फरहान के नाम से 20 लाख रंगदारी मांगी।