संगम क्षेत्र में 1432 बीघा जमीन पर तंबुओं का एक नया शहर बसकर तैयार हो गया है। 12 जनवरी को पौष पूर्णिमा के पहले मुख्य स्नान पर्व के लिए प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। स्नानार्थियों के लिए 17 घाट बनकर तैयार हो गए हैं। प्रशासन का अनुमान है कि पहले स्नान पर्व पर तकरीबन 50 लाख स्नानार्थियों की भीड़ मेला क्षेत्र में पहुंचेगी।
स्नानार्थियों के लिए 17 घाट बनाए गए हैं। इनकी लंबाई 8250 रनिंग फीट है जबकि पिछली बार घाटों के लिए 7260 रनिंग फीट जगह ही मिली थी। महावीर पुल के उत्तर में नए हनुमान घाट का निर्माण कराया गया है। मेला क्षेत्र पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को शीत लहर से बचाने के लिए परेड मैदान पर 450 टेंटों का रैन बसेरा बनाया गया है। साथ ही अलाव के लिए 49 स्थानों को चिह्नित किया गया है। स्नान घाटों पर 25 हाईमास्ट की स्थापना की गई है। साथ ही मेला क्षेत्र मेमं 7800 स्ट्रीट लाइटें लगवाई गई हैं। मेला क्षेत्र में आपात स्थिति में प्रकाश व्यवस्था के लिए छह सब स्टेशनों पर जनरेटर की व्यवस्था की गई है। साथ ही श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए 20-20 बेड के दो अस्पतालों और 10 प्राथमिक उपचार केंद्रों की व्यवस्था की गई है। सुविधा के लिए तीन आयुर्वेदिक एवं तीन होम्योपैथिक चिकित्सालयों की स्थापना की गई है। सफाई के मद्देनजर 14 सेनीटेशन यूनिट एवं 68 जन शौचालय की स्थापना की गई है। रात के वक्त भी मेला क्षेत्र की सफाई होगी। कमिश्नर राजन शुक्ला और डीएम संजय कुमार ने मंगलवार को प्रशासनिक कैम्प में संवाददाताओं को बताया कि गंगा में पर्याप्त जल उपलब्ध रहेगा।