प्रयागराज में लग रहे कुंभ मेले में विश्व हिंदू परिषद की ओर से आयोजित धर्म संसद इस बार बेहद खास होने जा रही है। इस धर्म संसद में शामिल होने के लिए विहिप की ओर से संघ प्रमुख मोहन भागवत और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को न्यौता भेजा गया है। विहिप पदाधिकारियों की मानें तो संघ प्रमुख और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष इस धर्म संसद में शामिल होने के लिए प्रयागराज आ सकते हैं। विहिप की ओर से यह भी कहा गया कि धर्मसंसद के माध्यम से संतों की मौजूदगी में अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की तिथि का एलान किया जा सकता है।
विहिप की धर्म संसद अगले वर्ष 31 जनवरी एवं एक फरवरी 2019 को आयोजित है। धर्म संसद को लेकर विहिप ने तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। मेला क्षेत्र में इसके लिए विहिप के शिविर का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। शिविर में विहिप के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु सदाशिव भी शामिल होंगे। धर्म संसद में विहिप की ओर से विश्व के 40 देशों में रहने वाले संगठन के पदाधिकारियों को निमंत्रण भेजा गया है। साथ ही कुंभ दर्शन के लिए देश के सभी शहरों में संगठन की ओर से लोगों को प्रयागराज आने का न्यौता दिया गया है।
विहिप के प्रयागराज स्थित प्रांतीय कार्यालय केसर भवन में 26 अक्तूबर को ही संगठन के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने एलान किया था कि धर्म संसद में मंदिर निर्माण की तारीख का एलान कर दिया जाएगा। विहिप के प्रांत संगठन मंत्री मुकेश के मुताबिक धर्म संसद से जुड़ी तैयारियां शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि पिछले कुंभ में हुई धर्म संसद में नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाने का प्रस्ताव पास किया गया था। इस बार अयोध्या में भव्य राममंदिर निर्माण की तिथि का एलान संत तय करेंगे। धर्मसंसद में निश्चित ही मोहन भागवत और अमित शाह शामिल होंगे।