इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गांधी आश्रम पूराहादी अंबारी आजमगढ़ का ताला तोड़कर लूटपाट और कब्जा करने के आरोपियों पूर्व सांसद उमाकांत यादव के दोनों बेटों रविकांत यादव व दिनेश कांत यादव को राहत देते हुए उनको 90 दिन के भीतर अधीनस्थ न्यायालय में आत्मसमर्पण कर जमानत अर्जी दाखिल करने की छूट दी है। कोर्ट ने कहा है कि तब तक इनके खिलाफ उत्पीड़नात्मक कार्रवाई न की जाए। इससे पहले पिता पुत्रों की अग्रिम जमानत अर्जी कोर्ट तीन मार्च 21 को खारिज कर चुकी है। उसके बाद दोनों बेटों ने दुबारा अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की थी, जिस पर कोर्ट ने यह राहत दी है।
यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ ने दिया है। कोर्ट ने कहा है कि याचियों की जमानत अर्जी यथाशीघ्र निस्तारित की जाए। यह भी स्पष्ट कर दिया है कि यदि याची नियत समय में कोर्ट में हाजिर होकर समर्पण नहीं करते तो पुलिस को कार्रवाई की छूट होगी। कोर्ट ने यह भी कहा है कि समर्पण करने की 90 दिन की अवधि अब और नहीं बढ़ाई जाएगी। याचियों पर आरोप है कि उन्होंने कई लोगों के साथ विश्व बैंक की सहायता से बने गांधी आश्रम पर लूटपाट कर कब्जा कर लिया और उसे अपना बता रहे हैं। जिसकी एफआईआर फूलपुर थाने में दर्ज कराई गई है। घटना 27 सितंबर 19 की शाम की है।