वैकल्पिक विषय हटाए जाने के बाद आयोग ने अपनी इंटरव्यू तकनीक में भी बदलाव किया। इस बार विषय आधारित सवाल बहुत कम पूछे गए। ज्यादातर सवाल परिस्थिति आधारित पूछे गए या किसी मुद्दे के प्रति अभ्यर्थी का नजरिया जानने का प्रयास किया गया। इंटरव्यू में अनुभव को भी तरजीह दी गई। इस बार बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थियों का चयन हुआ है, जो पहले से कहीं नौकरी कर रहे हैं और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े हुए हैं।
इनमें से कई अभ्यर्थी शिक्षक हैं तो कोई सेवायोजन अधिकारी या किसी अन्य पद पर तैनात है। इसके साथ ही मानविकी विषयों से स्नातक एवं परास्नातक करने वाले और हिंदी माध्यम के अभ्यर्थियों का भी बड़ी संख्या में चयन हुआ है। पीसीएस की टॉप-10 मेरिट में भी हिंदी माध्यम के कई अभ्यर्थी शामिल हैं। वैकल्पिक विषय हटाए जाने और इंटरव्यू तकनीक में बदलाव के बाद सभी अभ्यर्थियों के लिए मूल्यांकन की प्रक्रिया एक समान हो गई है और अब स्केलिंग का भी कोई विवाद नहीं रह गया है।