इलाहाबाद हाईकोर्ट ने व्यवसायी व नेता विनीत जायसवाल को बड़ी राहत दी है। एससी/एसटी एक्ट सहित विभिन्न मामलों में दर्ज मुकदमे में ट्रायल कोर्ट भदोही-ज्ञानपुर की ओर से जारी किए गए समन आदेश को रद्द कर दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति समित गोपाल की पीठ ने अपील पर दिया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने व्यवसायी व नेता विनीत जायसवाल को बड़ी राहत दी है। एससी/एसटी एक्ट सहित विभिन्न मामलों में दर्ज मुकदमे में ट्रायल कोर्ट भदोही-ज्ञानपुर की ओर से जारी किए गए समन आदेश को रद्द कर दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति समित गोपाल की पीठ ने अपील पर दिया। भदोही के औराई थाने में 15 नवंबर 2023 को भाजपा विधायक दीनानाथ भाष्कर ने विनीत जायसवाल उर्फ राजू जायसवाल पर एससी/एसटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था।
विज्ञापन
विधायक ने आरोप लगाया था विनीत उनके आवास पर आए थे और वह नगर पालिका परिषद भदोही से अध्यक्ष पद के लिए अपनी पत्नी की पैरवी करने की बात कही। मैंने इन्कार करते हुए उन्हें लौटा दिया। इसके बाद विनीत ने मेरे ऊपर कई झूठे आरोप लगाए और मेरी छवि धूमिल की। इस मामले में दाखिल चार्जशीट का संज्ञान लेकर विशेष न्यायाधीश ने समन आदेश जारी किया। इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई।
याची के अधिवक्ता रघुवंश मिश्रा व अभिषेक कुमार सरोज ने दलील दी कि समन आदेश जारी करते समय ट्रायल कोर्ट ने विवेक का प्रयोग नहीं किया। यांत्रिक रूप से समन आदेश पारित कर दिया। जबकि पर्याप्त कारण दर्शाते हुए समन आदेश जारी किया जाना चाहिए था। न्यायालय ने पक्षों को सुनने के बाद कहा कि समन आदेश जारी करते समय यह दर्शाना चाहिए कि मामले के तथ्यों और कानून पर विचार किया गया है। कोर्ट नेट्रायल कोर्ट के सात फरवरी 2024 के समन आदेश को रद्द करते हुए अपील स्वीकार कर ली।