इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में नैक की टीम 26 मार्च को आ रही है। इविवि के विभिन्न विभागों में नैक टीम के समक्ष प्रस्तुति के लिए तैयारियां जोरशोर से चल रही हैं। इविवि प्रशासन सीबीसीएस को एक बड़ी उपलब्धि के रूप में नैक टीम के समक्ष प्रस्तुत करने की तैयारी में है और नैक ग्रेडिंग में इससे राहत भी मिलेगी। नैक टीम विभिन्न बिंदुओं पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय का मूल्यांकन करेगी और मूल्यांकन के बाद मिली ग्रेडिंग के आधार पर ही इविवि को अनुदान आदि का लाभ मिल सकेगा। इविवि को वर्ष 2008 से नैक की ग्रेडिंग नहीं मिली है।
इस दौरान विश्वविद्यालय में कई तरह के सुधार किए गए और अब इविवि प्रशासन नैक ग्रेडिंग के लिए पूरी तरह से तैयार है। इविवि प्रशासन ने वर्ष 2016 में पीजी के पाठ्यक्रमों में च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) लागू किया था। नैक की टीम अपने निरीक्षण के दौरान यह भी देखती है कि विश्वविद्यालय ने छात्र-छात्राओं की बेहतरी के लिए अपने पाठ्यक्रमों में किस तरह से परिवर्तन किया। सीबीसीएस अब भी कई विश्वविद्यालयों में लागू नहीं हो सका है, सो इलाहाबाद विश्वविद्यालय के लिए यह बड़ी उपलब्धि है और नैक टीम के समक्ष इसके प्रस्तुतिकरण की तैयारी है।
हालांकि इससे बेहतर तरीके से लागू करने के लिए पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की जरूरत पड़ती है और इविवि में शिक्षकों की संख्या मानक से काफी कम है। नैक टीम के समक्ष इविवि प्रशासन को यह भी बताना होगा कि अगले पांच वर्षों के लिए उनकी कार्ययोजना क्या है। ऐसे में इविवि प्रशासन की ओर से स्नातक यानी यूजी में भी सीबीसीएस को लागू किए जाने की प्रस्तावित योजना का प्रस्तुतिकरण किया जा सकता है। नैक ग्रेडिंग के लिए चल रहीं तैयारियों के मद्देनजर रविवार को भी विश्वविद्यालय खुला रहा और तमाम विभागों में कामकाज भी हुआ। परिसर की साफ-सफाई काम भी तेजी से चल रहा है।