prayagraj news : कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए आक्सीजन सिलेंडर की बढ़ी मांग के कारण आपूर्ति करते डिलेवरीमैन।
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प्रयागराज। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में ऑक्सीजन का संकट न उत्पन्न हो, इसके लिए अस्पतालों ने पहले से इंतजाम कर रखे हैं। गंभीर मरीजों की संख्या बढ़ने पर एलथ्री एसआरएन अस्पताल और तेज बहादुर सप्रू चिकित्सालय में बैकअप काम आया। एसआरएन में प्राचार्य ने एक की बजाय दो गाड़ियां मंगानी शुरू कीं तो बेली में अधीक्षक ने खपत के बराबर 25 ऑक्सीजन सिलिंडर रिजर्व में रखे। उधर निजी कोविड अस्पतालों का संचालन तभी शुरू किया जा रहा है, जब वहां 24 से 48 घंटे का ऑक्सीजन बैकअप स्टॉक में हो।
कुंभ से पहले एमएलएन मेडिकल कॉलेज में शासन की पहल पर ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए गए। प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह के मुताबिक एसआरएन अस्पताल में 20-20 हजार लीटर के दो ऑक्सीजन प्लांट हैं। कंपनी के प्रतिनिधि 15 दिन पहले तक एक गाड़ी से गैस करीब 18000 लीटर प्रतिदिन भेजते थे, जिसे अब दोगुना करा दिया गया है। संकट की स्थिति में भी यहां ऑक्सीजन की कमी नहीं हुई। एसआईसी डॉ. अजय सक्सेना के मुताबिक प्रतिदिन करीब 20 हजार लीटर ऑक्सीजन की खपत है, लेकिन बैकअप 48 घंटे का है। वहीं बेली में 24 घंटे का ऑक्सीजन बैकअप है। अस्पताल में ऑक्सीजन के 50 सिलिंडर सहित अन्य संसाधन हैं। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एमके अखौरी का कहना है कि 25 गैस सिलिंडर रिजर्व में रहते हैं।
प्लांट की क्षमता तीन गुना बढ़ाई
सरकारी अस्पतालों और नर्सिंग होम्स को ऑक्सीजन की आपूर्ति करने वाली कंपनी पारेरहाट केमिकल्स ने प्लांट की क्षमता तीन गुना बढ़ा दी है। मार्च में प्लांट की क्षमता करीब 700 सिलिंडर प्रतिदिन की थी, जिसे अब संक्रमण काल में बढ़ाकर 2100 कर लिया गया है। पारेरहाट केमिकल्स के निदेशक विधायक शहर उत्तरी हर्षवर्धन बाजपेयी के मुताबिक कोरोना संक्रमितों के लिए ही नहीं, अन्य बीमारों को भी ऑक्सीजन की किल्लत का सामना न करना पड़ा, इसलिए जल्द ही हम तीन से चार हजार ऑक्सीजन सिलिंडर की रिफिलिंग करने में सक्षम होंगे।
दुकानदार झाड़ रहे पल्ला, मरीज-तीमारदार परेशान
बाई का बाजार समेत अन्य इलाकों में ऑक्सीजन के कारोबार से जुड़े कारोबारी लोगों को गैस नहीं है, कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं। तीमारदारों का आरोप है कि कुछ दुकानदार ऑक्सीजन की कालाबाजारी कर रहे हैं। अधिक मूल्य देने वालों को ऑक्सीजन मिल रही है, जबकि वास्तविक जरूरत वाले संक्रमितों के तीमारदार भटक रहे हैं।