इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय में छात्र नेताओं के निष्कासन एवं निलंबन तथा प्रवेश परीक्षाओं में अनियमितता के विरोध में छात्रों का क्रमिक अनशन शुक्रवार को भी जारी रहा। उन्होंने विश्वविद्यालाय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। एबीवीपी के आंदोलन के समर्थन में अन्य छात्र संगठन भी आ गए हैं। इसके अलावा पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष समेत कई नेता भी अनशन स्थल पर पहुंचे।
एबीवीपी के बैनर तले परिसर में तालाबंदी तथा काम में बाधा पहुंचाने के आरोप में पिछले शुक्रवार को चार छात्र नेताओं को निष्कासित कर दिया गया था। चार अन्य को निलंबित भी कर दिया गया था। इसके विरोध में छात्रों ने बुधवार से क्रमिक अनशन शुरू कर दिया, जो तीसरे दिन भी जारी रहा। आंदोलन के समर्थन में शुक्रवार को समाजवादी छात्रसभा, प्रगतिशील स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया आदि संगठनों से जुड़े छात्र भी अनशन स्थल पर पहुंचे।
इनके अलावा पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष विनोद चंद्र दुबे, दिनेश यादव, राजेश सिंह, सुरेश यादव, मनेंद्र सिह आदि ने भी अनशन स्थल पर पहुंचकर आंदोलन का समर्थन किया। क्रमिक अनशन पर बैठने वालों में विक्रांत सिंह, आनंद सिंह निक्कू, सूर्य प्रकाश मिश्र, शैलेंद्र मौर्य, अनुभव उपाध्याय, श्रवण जायसवाल, जितेंद्र शुक्ल आदि शामिल रहे।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्र नेताओं के निष्कासन एवं निलंबन के बाद बने गतिरोध के बीच सबकी नजर मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय पर है। वह 14 अगस्त को एक कार्यक्रम के सिलसिले में शहर आ रहे हैं। कार्यक्रम झूंसी में है। भाजपा के अन्य नेताओं के साथ डॉ.पांडेय भी ऑफलाइन प्रवेश परीक्षा के मुद्दे पर अनशन पर बैठे छात्रों के समर्थन में विश्वविद्यालय में आए थे। इससे बने दबाव के बाद ही मंत्रालय के हस्तक्षेप पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऑफलाइन का विकल्प दिए जाने की घोषणा की थी। ऐसे में आंदोलनरत छात्र प्रयास में हैं कि वे इस मामले में भी हस्तक्षेप करें। इसलिए अब सबकी नजर अब डॉ.महेंद्र नाथ पर है।