प्रयागराज। राष्ट्रीय महिला आयोग ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ला और वित्त अधिकारी (एफओ) डॉ. सुनील कांत मिश्र को पद से हटाए जाने की सिफारिश विश्वविद्यालय के कुलपति से की है। आयोग को आशंका है कि केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से पूर्व कुलपति प्रो. रतल लाल हांगलू के खिलाफ कराई जा रही जांच को ये दोनों अफसर प्रभावित कर सकते हैं, क्योंकि वर्तमान रजिस्ट्रार एवं एफओ पूर्व कुलपति के साथ काम कर चुके हैं और सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज इन्हीं के पास हैं।
आयोग अध्यक्ष रेखा शर्मा का दावा है कि उन्हें रजिस्ट्रार के खिलाफ कुछ ऐसे साक्ष्य मिले हैं, जिनसे स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि वह अब भी प्रो. हांगलू के संपर्क में हैं और विश्वविद्यालय की बातें उन तक पहुंचा रहे हैं। आयोग अध्यक्ष ने बताया कि एफओ के खिलाफ भी कुछ शिकायतें मिली हैं, सो उन्हें भी पद से हटाने की संस्तुति की गई है। अध्यक्ष और उनकी टीम बृहस्पतिवार सुबह 9.30 बजे ही विश्वविद्यालय पहुंच गई और इसके बाद चीफ प्रॉक्टर कार्यालय में कुलपति प्रो. आरआर तिवारी के साथ बैठक की। साथ ही महिला छात्रावास परिसर का निरीक्षण किया।
अध्यक्ष के मुताबिक आयोग की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर हॉस्टल में कुछ काम हुए हैं लेकिन, अब भी बहुत कुछ होना बाकी है। ऐसे में पूरी तरह से सुधार होने तक आयोग महिला छात्रावास परिसर की नियमित निगरानी करेगा। उन्होंने कुलपति से कहा है कि एक कमेटी का गठन किया जाए, जो नियमित रूप से छात्राओं की समस्या सुने और उनका त्वरित निराकरण करे। कुलपति ने अध्यक्ष को बताया कि आयोग की अंतिम रिपोर्ट के आधार पर ज्यादातर काम करा दिया गया है।
रजिस्ट्रार को बैठक से किया बाहर
आयोग की टीम और इविवि प्रशासन की बैठक के दौरान विश्वविद्यालय की ओर से कुलपति प्रो. आरआर तिवारी के साथ रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ला, चीफ प्रॉक्टर प्रो. आरके उपाध्याय, सी कैश की अध्यक्ष प्रो. चंदा देवी, सुरक्षा अधिकारी अजय सिंह भी मौजूद थे। इस दौरान आयोग अध्यक्ष ने अचानक रजिस्ट्रार को बैठक से बाहर जाने को कहा। अध्यक्ष रेखा शर्मा ने बताया कि बैठक के दौरान एक व्हाट्स एप ग्रुप पर प्रो. हांगलू और रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ला के बीच बात चल रही थी। इस ग्रुप से कुछ अन्य शिक्षक भी जुड़े हैं और उन्हीं में किसी एक सदस्य ने इसकी सूचना मेरे मोबाइल पर भेज दी। ऐसे में रजिस्ट्रार को बैठक से तुरंत बाहर करना पड़ा।
अध्यक्ष ने रजिस्ट्रार पर लगाए गंभीर आरोप
आयोग अध्यक्ष का आरोप है कि व्हाट्स एप ग्रुप में पूर्व कुलपति प्रो. हांगलू और वर्तमान रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ला के बीच लगातार यही बातचीत हो रही थी कि आयोग की अध्यक्ष मीडिया को गलत सूचना देकर विश्वविद्यालय की छवि खराब कर रहीं हैं और इसके लिए उन्हें लीगल नोटिस दिया जाए। अध्यक्ष के अनुसार उस ग्रुप के किसी एक सदस्य ने उस बातचीत स्क्रीनशॉट भेजा तो पता चला कि विश्वविद्यालय प्रशासन अब उन्हें नोटिस देने की तैयारी कर रहा है और प्रो. हांगलू एवं उनके कुछ लोग इविवि में अब भी सक्रिय हैं।
‘मुझे ऐसे किसी भी व्हाट्स एप ग्रुप की जानकारी नहीं है और न ही व्हाट्स एप पर मेरी किसी से इस तरह की बात हुई है।’ प्रो. एनके शुक्ला, रजिस्ट्रार इविवि