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विधान परिषद में उठाया म्योर रोड पर लाल निशान का मुद्दा

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Red mark issue on Mure Road raised in Legislative Council
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प्रयागराज। विधान परिषद में म्योर रोड पर ट्रैफिक चौराहे से राजापुर हनुमान मंदिर तक सड़क चौड़ीकरण के काम पर रोक लगा दी गई है। म्योर रोड पर लाल निशान लगाने और प्रस्तावित ध्वस्तीकरण का मुद्दा विधान मंडल दल के नेता ने जोरदारी से उठाया। इस मामले में पीडीए अफसरों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। इस आदेश से म्योर रोड ही नहीं अन्य 17 सड़कों के इर्दगिर्द रहने वाले भवन स्वामियों और दुकानदारों को राहत मिलेगी। साथ ही स्मार्ट सिटी योजना के तहत सड़कों के चौड़ीकरण और सुंदरीकरण का काम भी अटक जाएगा।
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पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण सिंह के प्रयास से विधायक दीपक सिंह ने विधान परिषद के प्रमुख सचिव को पत्र देकर मामले की जांच कराने और पीडीए अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई थी। 25 फरवरी को दिए गए पत्र में बताया गया था कि पीडीए अफसर लोगों को धमका कर खुद मकान, दुकान गिराने को कह रहे हैं। अब दशकों पुराने भवनों पर बुलडोजर चलाने की चेतावनी दी जा रही है।
विधान मंडल दल के नेता अजय कुमार लल्लू ने भी इस संबंध में शिकायती पत्र दिया तो मामला उठाने की अनुमति मिली। विधान मंडल में चर्चा के दौरान आरोपित किया गया कि अफसर नागरिकों की पुश्तैनी भूमि पर कब्जा करना चाहते हैं। पुरानी घनी आबादी क्लाइव रोड, म्योर रोड पर करीब सौ साल पुराने निर्माण ध्वस्त करने की तैयारी है। इससे बड़ी संख्या में लोग बेरोजगार हो जाएंगे। लाल निशान लगाने को नियम विरुद्ध बताकर फिलहाल चौड़ीकरण पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
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पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण सिंह और पार्षद अशोक सिंह, पूर्व पार्षद शिवसेवक सिंह के मुताबिक संबंधित क्षेत्र की जमीन फ्री होल्ड है। महायोजना 2021 के प्रस्ताव में इस सड़क को यथावत रखा गया है। अनुग्रह नारायण सिंह के मुताबिक पीडब्ल्यूडी के अभिलेखों में यह सड़क 6.5 से आठ मीटर चौड़ी है। फिर भी पुरानी घनी आबादी वाले इस क्षेत्र में व्यापक पैमाने पर ध्वस्तीकरण किए जाने की तैयारी है। जबकि इससे पहले खुल्दाबाद, लूकरगंज, राजरूपपुर, झलवा, बाई का बाग, दारागंज, बैरहना, सिविल लाइंस समेत अन्य क्षेत्रों में ध्वस्तीकरण से प्रभावित लोगों के सामने रोजीरोटी का संकट अभी तक बना है। शिकायतों पर सुनवाई नहीं हो रही है।
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