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आयोग के नए अध्यक्ष डॉ. प्रभात कुमार ने कार्यभार संभाला

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विज्ञापन तिथि से एक वर्ष में पूरी होगी चयन प्रक्रिया
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प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. प्रभात कुमार मंगलवार को कार्यभार ग्रहण करते ही तेवर में नजर आए। उन्होंने आयोग के सभी अफसरों, सदस्यों एवं कर्मचारियों से साफ तौर पर कहा कि किसी भी सूरत में भर्ती प्रक्रिया विज्ञापन तिथि जारी होने के साल भर के भीतर पूरी कर ली जाएगी।
डॉ. प्रभात कुमार ने मंगलवार सुबह 10.30 बजे कार्यभार ग्रहण किया और इसके बाद अफसरों, सदस्यों एवं कर्मचारियों से मुलाकात की। शाम चार बजे सभी के साथ बैठक की, जो रात आठ बजे तक चलती रही। इस दौरान नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. प्रभात कुमार ने कहा कि उनकी प्राथमिकता पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं प्रतिभा के आधार पर ईमानदारी से चयन प्रक्रिया को पूर्ण करना और समस्त लंबित चयन को गति प्रदान करना है। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि समस्त चयन प्रत्येक दशा में विज्ञापन की तिथि से एक वर्ष में पूर्ण हो जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सभी प्रकरणों में त्वरित निर्णय लेने की व्यवस्था विकसित की जाएगी।
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प्रतिष्ठा को पुनर्स्थापित करना सर्वोच्च प्राथमिकता
- जिस तरह पिछले दिनों तमाम परीक्षा को लेकर यूपीपीएससी विवादों में घिर रहा और आयोग की कार्यप्रणाली पर लगातार उंगली उठती रही, इस असर भी बैठक में दिखा। यूपीपीएस के अध्यक्ष डॉ. प्रभात कुमार ने कहा कि आयोग की प्रतिष्ठा को पुनर्स्थापित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
अभ्यर्थियों के हितों का रखा जाएगा ध्यान
- अभ्यर्थी लगातार आरोप लगाते रहे हैं कि आयोग में उनकी कोई सुनवाई नहीं होती है और न ही उनके हितों का ध्यान रखा जाता है। आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रभात कुमार ने इस मुद्दे को भी गंभीरता से लिया और कहा कि अभ्यर्थियों के हितों को सुरक्षित रखना आयोग का प्रथम एवं प्रमुख दायित्व होगा।
लंबित परिणाम जल्द जारी होने की जगी उम्मीद
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. प्रभात कुमार ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद स्पष्ट कर दिया है कि विज्ञापन तिथि से साल भर के भीतर चयन प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। आयोग में कई प्रमुख भर्ती परीक्षाएं दो से छह साल पुरानी हो चुकी हैं और अब तक उनका रिजल्ट फंसा हुआ है।
आयोग ने अब तक पीसीएस-2017 की मुख्य परीक्षा का परिणाम जारी नहीं किया है। वहीं, आरओ/एआरओ-2016 की प्रारंभिक परीक्षा और आरओ/एआरओ-2017 की मुख्य परीक्षा का रिजल्ट भी आयोग अब तक जारी नहीं कर सका है। इसके अलावा अवर अभियंता (जेई) भती-2013 की लिखित परीक्षा का परिणाम भी आयोग जारी नहीं कर सका है जबकि परीक्षा के आयोजन को तीन साल बीत चुके हैं। चार्ज संभालने के बाद अध्यक्ष की ओर से जो दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, उसे देखते हुए अभ्यर्थियों में उम्मीद जाग उठी है कि आयोग जल्द ही इन परीक्षाओं का रिजल्ट जारी करेगा। इसके अलावा आयोग अध्यक्ष ने अभ्यर्थियों के हितों को भी सुरक्षित रखने पर जोर दिया है।
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ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि जिस तरह पिछली परीक्षाओं में गलत सवाल पूछे जाने का चलन चल रहा था और लगातार विवाद सामने आ रहे थे, नए अध्यक्ष के आने के बाद इसमें सुधार होगा एवं अभ्यर्थियों के हितों की सुरक्षा हो सकेगी। अभ्यर्थियों को यह उम्मीद भी है कि नए अध्यक्ष के आने से आयोग अब जल्द ही आगामी भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर जारी करेगा ताकि ओवरएज हो रही अभ्यर्थियों का नुकसान न हो और उनका हित हो सके।
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