पॉवर कॉरपोरेशन के उपभोक्ताओं के घरों में जाकर मीटर रीडिंग करने और बिल भेजने के नाम पर सालों से खेल चल रहा है। उपभोक्ता शिकायत करते रहे बिजली अधिकारी नजरअंदाज करते रहे। लेकिन, बात ऊपर पहुुंची तो जांच हुई। लिहाजा, 13 को छुट्टी करने के साथ दो पर एफआईआर करानी पड़ी।
पॉवर कॉरपोरेशन की कार्रवाई से मीटर रीडर्स में हड़कंप मचा हुआ है।
विद्युत अधिकारियों के मुताबिक बिल में गड़बड़ी की शिकायतें पिछले डेढ़ सालों में हजारों की संख्या में आई हैं।
सबसे अधिक शिकायत करेलाबाग और रामबाग विद्युत खंड की हैं। इन्हीं खंडों में ही सबसे ज्यादा मीडर रीडर्स के खिलाफ कार्रवाई भी की गई। दो दिन पहले दो मीटर रीडर के खिलाफ दर्ज कराई गई रिपोर्ट करेलाबाग खंड की है। इसके अलावा जो 13 अन्य लोगों को नौकरी से हटाया गया।
करेलाबाग के अधिशासी अभियंता महेंद्र प्रसाद कहते हैं कि मीटर रीडर का काम है कि वे उपभोक्ताओं का मीटर देख कर उसका बिल बना दें लेकिन जिन मीटर रीडर्स के खिलाफ कार्रवाई की गई है, वे बिल बनाते समय लेनदेन कर कम यूनिट का बिल बनाते थे। पूरी रीडिंग नहीं करते थे। अब ऐसे उपभोक्ताओं के यहां जब स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं तो रीडर ने जिन यूनिटों की गणना नहीं की थी।