सोरांव तहसील से गायब अभिलेख मऊआइमा में रहने वाले रिटायर्ड लेखपाल के घर पर मिले। गोपनीय सूचना पर पुलिस ने छापा मारा तो सैकड़ों की संख्या में नक्शे, खतौनी व अन्य अभिलेख बोरे में भरे मिले। पुलिस ने इन्हें कब्जे में लेते हुए रिटायर लेखपाल को हिरासत में ले लिया। जिससे देर रात तक पूछताछ जारी थी।
सोरांव पुलिस को लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि कुछ लोग अभिलेखों में हेराफेरी कर फर्जी बैनामा के खेल में लगे हुए हैं। खास बात यह है कि फर्जी बैनामा करने से पहले ही संबंधित अभिलेख सोरांव तहसील से गायब हो जा रहे थे। तहसील क्षेत्र में रहने वाले एक व्यक्ति के साथ भी ऐसा ही हुआ। उसने अपने स्तर से छानबीन की तो पता चला कि यह पूरा रैकेट मऊआइमा कस्बे से संचालित हो रहा है जिसमें यहां रहने वाला रिटायर्ड लेखपाल भी शामिल है।
जिसके बाद सोरांव सीओ अमिता सिंह ने सर्किल के सभी थानों की फोर्स संग आरोपी के घर छापा मारा। तलाशी में यहां बड़ी मात्रा में खतौनी, नक्शे व अन्य अभिलेख मिले। जिनमें राजस्व से जुड़े सरकारी अभिलेख भी शामिल थे। इनके बारे में पूछने पर कोई संतोषजनक जवाब न देने पर पुलिस ने रिटायर लेखपाल को हिरासत में ले लिया। जिसके बाद उसे थाने लाकर देर रात तक पूछताछ की जाती रही।
मिलीभगत के खेल का भी हो सकता है भंडाफोड़
पुलिस सूत्रों का कहना है कि मामले की जांच में कुछ सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत का भी खेल सामने आ सकता है। दरअसल तहसील से सरकारी अभिलेख गायब होना बिना अंदर के किसी व्यक्ति के मिलीभगत के संभव नहीं है। सीओ सोरांव अमिता सिंह ने बताया कि फिलहाल मुकदमा लिखा जा रहा है। जांच में जिसकी भी संलिप्तिता आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।