राजकीय महाविद्यालयों में वर्ष 2021 में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर चयनित अभ्यर्थियों के ज्वाइन न करने पर उच्च शिक्षा निदेशालय ने उनका चयन निरस्त करने की संस्तुति शासन के भेजी है।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने सीधी भर्ती के तहत असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों का चयन परिणाम 2021 में घोषित किया था। जो अभ्यर्थी चयनित घोषित किए गए थे, उनमें से 31 अभ्यर्थियों ने ज्वाइन नहीं किया। कुछ अभ्यर्थी इस मामले को लेकर कोर्ट चले गए तो उच्च शिक्षा निदेशालय ने महाविद्यालयों से सूचनाएं मंगाईं, जिसके बाद पता चला की 31 अभ्यर्थियों ने ज्वाइन नहीं किया है।
कार्मिक विभाग के नियमों के तहत अभ्यर्थी को ज्वाइन करने के लिए अधिकतम तीन माह का वक्त दिया जाता है। विशेष पर परिस्थितियों में यह मियाद तीन माह के लिए बढ़ाई जा सकती है, लेकिन कुछ मिलाकर छह माह से अधिक समय नहीं दिया जाता। उच्च शिक्षा निदेशालय के सूत्रों ने बताया कि छह माह बाद भी ज्वाइन न करने पर निदेशालय ने 31 अभ्यर्थियों का चयन निरस्त करने की संस्तुति शासन को भेज दी है।