करछना के रामपुर उपरहार निवासी बजरंगी यादव को शव वाहन न मिलने की वजह से बीते बुधवार को स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस से अपने पुत्र शुभम का शव लेकर पैदल ही 25 किमी का सफर तय कर अपने घर तक जाना पड़ा था।
बेटे के शव को कंधे में लेकर पैदल घर जाने वाले बजरंगी यादव का राशन कार्ड रविवार को बन गया। हालांकि अभी उनको अंत्योदय कार्ड के लिए इंतजार करना होगा। इसके अलावा अभी शौचालय समेत अन्य सुविधाएं भी मिलनी बाकी हैं।
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करछना के रामपुर उपरहार निवासी बजरंगी यादव को शव वाहन न मिलने की वजह से बीते बुधवार को स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस से अपने पुत्र शुभम का शव लेकर पैदल ही 25 किमी का सफर तय कर अपने घर तक जाना पड़ा था। इसका वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन की नींद उड़ गई थी। इसके बाद अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों का संवेदना जताने और मदद पहुंचाने के लिए उसके घर पर तांता लग गया।
अधिकारियों ने बजरंगी से घटना की जानकारी लेते हुए सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का भरोसा दिलाया था। शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस पर एसडीएम रेनू सिंह ने सप्लाई इंस्पेक्टर को तत्काल राशन कार्ड बनाने के लिए निर्देश दिया। इसके बाद बजरंगी का आय प्रमाण पत्र भी बनवाया गया। रविवार को बजरंगी यादव को पात्र गृहस्थी कार्ड जारी किया गया। लेकिन, अभी अंत्योदय कार्ड के लिए इंतजार करना होगा। ग्राम प्रधान निर्मला देवी विश्वकर्मा ने बताया कि बीते बुधवार को राशन कार्ड के लिए कोटेदार ने कागज लेकर ऑनलाइन आवेदन किया गया था।
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मनरेगा कार्ड के तहत तीस दिन मिल चुका है काम
रामपुर उपरहार गांव निवासी बजरंगी यादव के मनरेगा के तहत श्रम कार्ड बना हुआ है। चालू वित्तीय वर्ष में उसे करीब30 दिन काम भी मिल चुका है। प्रधान निर्मला देवी विश्वकर्मा ने बताया कि श्रम कार्ड के तहत बजरंगी द्वारा किए गए कार्य का भुगतान हो चुका है। बता दें कि मनरेगा श्रम कार्ड के तहत पात्र को एक वित्तीय वर्ष में सौ दिन रोजागर की गारंटी दी जाती है।