मुआवजा अदा न करने पर मऊ के एडीएम को अवमानना नोटिस
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अधिगृहीत भूमि का मुआवजा अदा न करने पर मऊ के एडीएम सत्यप्रिय सिंह को अवमानना नोटिस जारी किया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय की अदालत ने पंकज पांडेय की अवमानना याचिका पर दिया है। अधिवक्ता ने दलील दी कि याची की कृषि जमीन राजमार्ग के लिए अधिगृहीत की गई थी। लेकिन, मुआवजे का भुगतान नहीं किया गया। इस पर याची ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
कोर्ट ने विशेष भूमि अर्जन प्राधिकारी मऊ के एडीएम को मामले का दो माह में निस्तारित करने का आदेश दिया था। इसके बाद भी मुआवजे का भुगतान नहीं किया गया। कोर्ट ने अवमानना नोटिस जारी कर विशेष भूमि अर्जन प्राधिकारी मऊ के एडीएम से 15 अप्रैल तक आदेश का अनुपालन न करने का स्पष्टीकरण तलब किया है।
हाईकोर्ट ने फर्जीवाड़ा करने वाले वकील से मांगा स्पष्टीकरण
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने याचिका दाखिल करने में फर्जीवाड़ा करने वाले वकील से स्पष्टीकरण मांगा है। कोर्ट ने कहा कि दो दिन में जवाब दाखिल करें। यह आदेश न्यायमूर्ति मनीष कुमार निगम ने जालौन की समुद्री देवी की याचिका पर दिया।
मामले में ग्राम सभा की अधिवक्ता दीपक गौर ने आरोप लगाया कि याचिका की कॉपी उन्हें दिए बिना ही रिसीव दिखाकर याचिका दाखिल कर दी गई है। सुनवाई के दौरान याची अधिवक्ता संतोष कुमार कोर्ट में मौजूद नहीं थे। इस पर कोर्ट ने स्पष्टीकरण मांगा है।
कालिंदीपुरम फ्लाईओवर की सर्विस रोड, सीवर व साफ-सफाई पर रिपोर्ट तलब
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जिलाधिकारी से कहा कि कालिंदीपुरम फ्लाईओवर की सर्विस रोड, सीवर व साफ-सफाई की समस्या को दूर कर नौ अप्रैल को प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली व न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने अधिवक्ता उमेश वत्स की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर दिया।
जनहित याचिका में कालिंदीपुरम फ्लाईओवर की सर्विस रोड, सीवर, साफ-सफाई व अन्य समस्याओं को दूर करने की गुहार लगाई गई है। न्यायालय ने संबंधित एजेंसियों को समस्याओं को दूर करने का निर्देश दिया था। पांच अप्रैल को कोर्ट में प्रतिवादी अधिकारियों की ओर से प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई और कहा गया कि महाकुंभ के कारण आदेश का पूरी तरह से अनुपालन नहीं किया जा सका है। इस पर न्यायालय ने पूर्व में दिए गए आदेश का पालन करते हुए नाै अप्रैल को प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।