फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रघुवर के छूते ही टूटा धनुष

Tue, 04 Oct 2016 02:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
विज्ञापन
ramleela
विज्ञापन
रामकथा के तीसरे दिन सोमवार को कहीं रघुवर के छूते ही धनुष टूटा तो कहीं राम सीता को ब्याहने चले। शहर की विभिन्न रामलीला कमेटियों की ओर से मंचित की जा रही रामलीलाओं में रामकथा के प्रसंगों का मंचन मुग्ध करता रहा। श्रीपथरचट्टी रामलीला कमेटी की ओर से रामबाग रामलीला मैदान पर धनुष भंग, सीता स्वयंवर, लक्ष्मण-परशुराम संवाद की लीलाओं का मंचन किया गया। जनक के दरबार में जब शिव का धनुष टस से मस नहीं हुआ तो वह अधीर हो उठे। बोले, यदि मैं अपनी प्रतिज्ञा वापस लेता हूं तो पूर्वजों की प्रतिष्ठा धूमिल होगी और यदि अडिग रहता हूं तो जानकी अविवाहित ही रह जाएगी। मां भी बेचैन दिखीं। इतना सुनते ही उग्र हुए लक्ष्मण बोले, जहां एक भी रघुवंशी हो, वहां कोई ऐसा बोलने का साहस नहीं करता। गुरु वशिष्ठ की आज्ञा पाकर रघुवर ने जैसे ही धनुष को छुआ, वह भंग हो गया।
विज्ञापन


जनक समेत सभी हर्षित हो उठे। सीता ने आगे बढ़कर राम को वरमाला पहना दी। वहीं धनुष भंग की ध्वनि सुनकर जनक की सभा में परशुराम आ पहुंचे और क्रोधित होकर धनुष तोड़ने वाले का नाम पूछा। परशुराम-लक्ष्मण के बीच तीखे संवाद के बाद राम ने विनम्रता से परशुराम के क्रोध को शांत करने का प्रयास किया, जो सभी को मुग्ध करता रहा। इसी क्रम में बाघम्बरी क्षेत्र अल्लापुर की रामलीला में विश्वामित्र आगमन, ताड़का वध, अलोपीबाग में  सुबाहु वध, अहिल्या उद्धार, बाल समिति रामलीला सिविल लाइंस में सीता हरण, बालि वध, मानस दर्शन समिति मधवापुर बैरहना की ओर से गणेश पूजन किया गया। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें