इस बार की बारिश रामबाग और बाई का बाग के लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। नगर निगम ने यहां नालों की सफाई ठीक ढंग से नहीं कराई तो दूसरी ओर सिविल लाइंस में नवाब यूसुफ रोड पर नाला बनाने के बाद उसका मेन लाइन से कनेक्शन नहीं किया गया। इसकी वजह से वहां जबरदस्त जलभराव हो रहा है। नगर निगम की मनमानी यहीं तक सीमित नहीं रही, उसने कस्तूरबा गांधी मार्ग पर मिश्र भवन के पास बीच चौराहा सड़क खोदने की अनुमति दे दी। बारिश में यहां की स्थिति भी बेहद खराब है। चौतरफा मिट्टी फैलने के कारण उधर से गुजरने वाले वाहन चालकों को भारी मुसीबत झेलनी पड़ रही है। नगर निगम की इस लापरवाही की तरफ मंडलायुक्त और डीएम की नजर ही नहीं जा रही है।
रामबाग और बाई का बाग में जलभराव की गंभीर समस्या है। रामबाग हनुमान मंदिर के सामने और क्रास्थवेट गर्ल्स इंटर कॉलेज के सामने नाले की सफाई नहीं हुई। इससे जुड़े अन्य नाले-नालियों को भी ठीक ढंग से साफ नहीं किया गया। महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने खुद माना है कि नगर निगम ने यहां नालों की सफाई ठीक ढंग से नहीं कराई। इसकी वजह से रामबाग स्टेशन के सामने, बाई का बाग में बंगाली टोला, रामलीला मैदान के पीछे आदि बड़े हिस्से में जलभराव हो रहा है। हर बारिश में अल्लापुर में होने वाली जबरदस्त जलभराव की समस्या इस बार वहां न के बराबर है, लेकिन अल्लापुर से घूमकर यह गंभीर समस्या रामबाग और बाई का बाग के लोगों के लिए आफत बन गई है। इन इलाकों में जलभराव का एक कारण आर्य कन्या चौराहा के पास बंद की गई सीवर लाइन भी है, जिसकी वजह से ओवरफ्लो की समस्या खड़ी हो गई है।
सिविल लाइंस में नवाब यूसुफ रोड पर नगर निगम ने नाले का निर्माण करीब पांच माह पहले कराया। नाला तैयार हो गया लेकिन उसे मेन लाइन से जोड़ा ही नहीं गया। निगम के अफसरों की इस लापरवाही का नतीजा यह है कि फायर बिग्रेड चौराहा से डीआरएम कार्यालय तक सड़क पर घुटने तक पानी भर रहा है। बची कसर नगर निगम ने मिश्र भवन के पास बीच सड़क खोदाई की अनुमति देकर कर दी। अफसरों को पता था कि इस बार बारिश समय से पहले और जबरदस्त होगी, बावजूद इसके जून के अंत में यहां बीच सड़क खोद डाली गई। नगर निगम ने बारिश का पानी निकालने के लिए एलगिन रोड पर अमितदीप मोटर्स से संगीत समिति तक पाइप लाइन डलवाई है। पाइप लाइन बिछाने के बाद आज तक रोड पटरी नहीं बनी। मिश्र भवन चौराहा से संगीत समिति तक दो बड़े निजी अस्पताल हैं, जिनमें रोज काफी संख्या में मरीज पहुंचते हैं। रोड पटरी से सड़क तक फैली जबरदस्त मिट्टी के कारण यहां खतरनाक रूप से फिसलन हो गई है। इन सबसे नागरिक परेशान हैं लेकिन नगर निगम को जरा भी चिंता नहीं है।