फोटो परिचय। सीतामढ़ी में श्री राम कथा कहती डॉ. साधना त्रिपाठी
श्री हरि विष्णु का कृष्णावतार धर्म स्थापना का प्रतीक है तो रामावतार सामाजिक मर्यादा व राजधर्म पालन का परिचायक है। उक्त बातें अखिल भारतीय राष्ट्रीय रामायण मेला सीतामढ़ी में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा में मानस कोकिला डॉ. साधना त्रिपाठी देवरिया ने कही। उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के जीवन पर आधारित श्री रामचरितमानस हमें मानव जीवन जीने की सीख देता है। मेला समिति के अध्यक्ष मुन्नालाल पांडेय, उपाध्यक्ष दुर्गेश तिवारी, संयोजक धर्मेंद्र सिंह प्रधान ने श्रद्धालुओं से कथा में भाग लेने की अपील की। इस दाैरान बसंतलाल, विनय दुबे, दिनेश सिंह, सुरेश दीक्षित, मनोज पांडेय आदि मौजूद रहे।