महाशिवरात्रि के मौके पर श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य राममंदिर निर्माण के लिए अयोध्या से निकली रामराज्य रथयात्रा अपने तीसरे पड़ाव में बृहस्पतिवार को इलाहाबाद पहुंची। यहां कई स्थानों पर यात्रा का स्वागत किया गया। लोगों ने रथयात्रा पर फूल भी बरसाए। मनमोहन पार्क चौराहे पर महिलाओं द्वारा आरती भी उतारी गई। तकरीबन 45 मिनट के ठहराव के बाद रामराज्य रथयात्रा रात आठ बजे के बाद पूरामुफ्ती के लिए रवाना हो गई। वहां रात्रि प्रवास के बाद यात्रा मंझनपुर होते हुए शुक्रवार को चित्रकूट जाएगी।
मनमोहन पार्क चौराहे पर पहुंचने के बाद रथयात्रा में भगवान राम, सीता, हनुमान के साथ भगवान की चरण पादुका का भी लोगों ने दर्शन किया। यहां लोगों ने जमकर ‘जय श्री राम’ का उद्घोष किया। यात्रा में शामिल लोगों का माल्यार्पण भी किया गया। सुनहरे रंग से सुसज्जित रथ के आगे और पीछे भी कई वाहनों में संत मौजूद रहे। अगुवाई कर रहे स्वामी कृष्णानंद सरस्वती ने कहा कि यात्रा पांच उद्देश्य के लिए निकाली गई है। इसमें अयोध्या में राममंदिर निर्माण, रामराज्य की स्थापना, विश्व हिंदू दिवस घोषित करने, शासकीय अवकाश रविवार की जगह बृहस्पतिवार एवं पाठ्यक्रम में रामायण को शामिल किए जाने की मांग है।
इस दौरान विहिप के प्रांत संगठन मंत्री मुकेश ने कहा कि संतों के के उद्देश्य को हिंदू समाज में पहुंचाने का काम विश्व हिंदू परिषद का है। कहा कि सोमनाथ की तरह संसद में कानून बनाकर अयोध्या में राममंदिर का निर्माण हो। देश में बाबर के नाम पर कहीं भी मस्जिद नहीं बनने दी जाएगी। मनमोहन पार्क पहुंचने के पूर्व यात्रा का झूंसी, चुंगी, अलोपीबाग आदि स्थानों पर भी स्वागत किया गया। बाद में यात्रा चौफटका, मुंडेरा होते हुए पूरामुफ्ती पहुंची। यात्रा का स्वागत करने वालों में विमल प्रकाश, विनोद अग्रवाल, अमरनाथ तिवारी, हरिप्रताप, किशन जायसवाल, राजकुमार गुप्ता, अमित पाठक, सुशील राय, शिवम द्विवेदी, अश्विनी मिश्र आदि मौजूद रहे। भारतीय राष्ट्रवादी ईसाई मुक्ति आंदोलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एनबी मौन्ट्रोज की ओर से रथयात्रा का स्वागत किया गया।