प्रयागराज। भगवान राम का चरित्र भारतीय संस्कृति में जीवन का आदर्श है। इसलिए राम हमारे देश के जनमानस में ही नहीं अपितु विदेशों में भी रामकथा के माध्यम से प्रिय हैं। यह बातें शुक्रवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायमूर्ति सुधीर नारायण ने कही।
संस्कार भारती की ओर से इलाहाबाद विश्वविद्यालय के गांधी भवन में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय कला शिविर के उद्घाटन अवसर पर उन्होंने कहा कि राम के आदर्शों पर चलना ही हमारे जीवन का लक्ष्य है। ‘जन-जन के राम’ थीम पर आधारित इस शिविर में विभिन्न राज्यों से आए 40 चित्रकार हिस्सा ले रहे हैं। मुख्य अतिथि वरिष्ठ शिक्षाविद् एवं दिव्याभा डिग्री कालेज के प्रबंधक संजीव बाजपेयी ने कहा कि राम का जीवन आदर्श अनुकरणीय है। इसी कारण हजारों वर्षों से राम भारतीय जन मानस के आदर्श बने हुए हैं। सबीएछयू के पूर्व कुलपति प्रो गिरीश चंद्र त्रिपाठी, प्रो स्वतंत्र शर्मा ने भी विचार व्यक्त किए। इस मौकेपर वरिष्ठ पत्रकार डॉ प्रदीप भटनागर,संस्कार भारती की अध्यक्ष कल्पना सहाय समेत तमाम लोग उपस्थित थे। संचालन आभा मधुर ने किया।