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धारा 144 के बाद कैसे निकली यात्रा, कार्रवाई क्यों नहीं?

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Rally in support of CAA in Prayagraj - फोटो : CITY DESK
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-विपक्षी दलों ने पुलिस-प्रशासन पर लगाया दोहरे मापदंड का आरोप
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-नेताओं ने कहा, दोहरा मापदंड अपनाकर थोप रहे अपनी बात
प्रयागराज। नागरिकता संशोधन कानून के मुद्दे पर हो रहे प्रदर्शनों के प्रति हो रही कार्रवाई को लेकर पुलिस प्रशासन पर दोहरे मापदंड का आरोप लगाते हुए विपक्षी दलों के नेताओं ने उनके इस रवैये की निंदा की है। इनका कहना है कि जब नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन हुए तो पुलिस ने तकरीबन दस हजार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी, लेकिन शनिवार को जब हजारों की संख्या में लोगों ने यात्रा निकाली तो इसके प्रति आंखें मूंद ली गईं।
कांग्रेस के उत्तराखंड प्रभारी अनुग्रह नारायण सिंह ने इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भाजपाई अपनी बात जबरन समाज पर थोप रहे हैं। लोकतंत्र में सभी को एक समान अधिकार हैं। इस तरह की उत्पीड़न की कार्रवाई लोगों को एक-दूसरे से लड़ाने की साजिश और जनता के साथ धोखा है। सपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष कृष्णमूर्ति सिंह यादव ने कहा कि हमने अनुमति मांगी थी, भरोसा दिलाया था कि धरना-प्रदर्शन शांतिपूर्ण होगा लेकिन, अनुमति नहीं दी गई। सत्ता पक्ष के लोगों ने जवाबी प्रदर्शन को यात्रा का रूप दिया और उन्हें अनुमति दी गई। हजारों की भीड़ के लिए सुरक्षा के इंतजाम भी किए गए। उन्होंने इसे भेदभावपूर्ण करार दिया है।
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सीआईटीयू की राज्य कमेटी के पूर्व सदस्य हरिश्चंद्र द्विवेदी ने कहा कि एक देश, एक विधान की बात करने वाले भटक गए हैं। देश में दो तरह का कानून चल रहा है, सत्ता के लिए अलग और विपक्ष के लिए अलग। सीआईटीयू के जिला संयोजक अविनाश मिश्रा ने प्रशासन को आड़े हाथों लिया। कहा कि शनिवार को निकली तिरंगा यात्रा से साफ हो गया है कि प्रशासन भाजपा, संघ के इशारे पर काम कर रहा है। देश की गणतांत्रिक मर्यादा और संवैधानिक शासन का खुलेआम मजाक उड़ाया जा रहा है। हमने तीन महीने पहले केंद्रीय लेबर कमिश्नर को हड़ताल की सूचना दी, एडीएम सिटी से अनुमति मांगी, नहीं दी गई। भाजपा को शक्ति प्रदर्शन की अनुमति देने से साफ है कि जन-जन में भेद कराने की साजिश रची जा रही है।
इस संबंध में एडीएम सिटी अशोक कुमार ने कहा कि तिरंगा यात्रा के लिए अनुमति ली गई थी। धारा 144 में अनुमति लेकर इस तरह के आयोजन करने का प्रावधान है। प्रशासन देखता है कि किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था की स्थिति ठीक रहेगी। इसी आंकलन के आधार पर यात्रा को अनुमति दी गई। हालांकि वह इस बात का जबाव नहीं दे सके कि 1100 लोगों के जुटने की अनुमति दी लेकिन वहां जुटे हजारों लोगों पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
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मुझे यह जानकारी मिली है कि तिरंगा यात्रा के संबंध में प्रशासन से अनुमति ली गई थी। अब यह अनुमति किन शर्तों पर दी गई, इस बारे में मैं तथ्यों की पड़ताल के बाद ही कुछ स्पष्ट कह सकूं गा। धारा 144 का उल्लंघन हुआ या नहीं, इस बारे में अनुमति पत्र देखने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। -सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज, एसएसपी
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