देश में मजदूरों की फौज तैयार कर रही बीजेपी
बड़ी-बड़ी रैलियां और सभाएं हो रही हैं, लेकिन स्कूल और कॉलेजों को बंद रखा गया है। सरकार देश में मजदूरों की फौज तैयार कर रही है। बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। पूरे प्रदेश में छुट्टा पशुओं की समस्या विकट है। इस पर सरकार कुछ नहीं कर रही है। 13 महीने तक चले किसान आंदोलन का यह फायदा हुआ कि सारी पार्टियां किसानों का नाम लेने लगी हैं।
पूर्ववर्ती अखिलश सरकार योगी सरकार से बढ़िया काम कर रही थी। सरकार किसकी बनेगी यह तो पता नहीं लेकिन किसकी सरकार बनानी है यह किसानों ने तय कर लिया है। किसान अब मुखर हो गया है वह भाजपा के नेताओं से सवाल पूछ रही है। जितना लंबा आंदोलन किसानों ने किया अब वैसा आंदोलन कर पाना किसी के बूते की बात नहीं है।
केस कमजोर करके टेनी के बेटे को दिलाई जमानत
सरकार ने केस कमजोर करके अजय मिश्र टेनी के बेटे को जमानत दिलवा दी। यदि हाईकोर्ट ने जमानत दी तो सरकार ने उसके खिलाफ अपील क्यों नहीं दायर की। यूपी के सीएम बार-बार गर्मी, ठंडी और बुलडोजर की बात करके किसानों पर दबाव बनाने का कार्य कर रहे हैं। किसानों को किसे वोट करना है उन्हें सब पता है। किसान लखीमपुर खीरी की घटना को भूले नहीं है।
अजय मिश्र टेनी को न तो गिरफ्तार किया गया न ही उन्हें बर्खास्त किया गया। जबकि समझौते की यह प्रमुख शर्त थी। किसानों के ऊपर दर्ज मुकदमे भी सरकार ने वापस नहीं लिए। मारे गए 700 किसानों के परिवारों को मुआवजा न देकर सरकार ने वादा खिलाफी और किसान विरोधी होने का प्रमाण दे दिया है। इसके पूर्व एक पंफलेट मीडिया के सामने प्रस्तुत किया गया जिसकी हेड लाइन थी यूपी की जनता भाजपा को सजा दे।
पश्चिमी यूपी ने भाजपा का वोट गाय चर गई-योगेंद्र
संयुक्त किसान मोर्चा के योगेंद्र यादव ने कहा कि भाजपा ने केस कमजोर करके लखीमपुर खीरी कांड के मुख्य सूत्राधार अजय मिश्र टेनी के बेटे को जमानत दिलाई और उसके खिलाफ अपील भी नहीं की। इसके खिलाफ किसानों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। भाजपा ने किसानों से जो वादा 2017 में किया था उसे पूरा नहीं किया है।
इसके चलते मजबूर होकर हमें जनता से आग्रह करना पड़ रहा है कि भाजपा और आरएसएस की सरकार को हटाएं। भाजपा कहती है कि जो भाजपा को वोट नहीं दे रहा है उसमें मुसलमानों का डीएनए है। एक जमाने में जब देश में भाजपा को महज पांच प्रतिशत वोट मिल रहे थे तो क्या पूरा देश मुसलमान था।
बार-बार हिंदू मुसलमान के मुद्दे उछाले जा रहा हैं। संयुक्त किसान मोर्चा ने हिंदू मुसलमान का खेल खत्म कर दिया है। दो चरण के चुनाव में एक बात तेजी से फैल गई है कि पश्चिमी यूपी में भाजपा का वोट गाय चर गई है।
24 जून 2019 को योगी सरकार ने 'जनपद प्रयागराज के यमुना नदी' में 'एक्सपोज़्ड एरिया का सर्वे, सैटेलाइट इमैजिंग के माध्यम से कराकर खनन' पर रोक लगवाई। इससे लाखों बालू खनन मजदूर बेरोजगार हो गए। खनन परिहार स्वीकृत' किया और 'नदी की जलधारा से उक्त आदेश वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के दिशा निर्देश के आग्रह पर बताया गया।
मंत्रालय की 2016 की बालू खनन प्रबंधन गाईडलाइंस के अनुसार संवहनीय खनन हेतु 'नदी के घाटों की सुरक्षा व स्थिरता को बनाए रखने के लिए खनन कार्य घाट से तीन मीटर छोड़कर ही करने' का निर्देश है । इस गैरकानूनी आदेश के अमल के तौर पर चार फरवरी 2021 को प्रयागराज अधिकारियों व पुलिस ने बसवार गांव में जेसीबी मशीनों के भेजकर खनन मजदूरों, निषादों की 20 से ज्यादा नावें कुचलकर तोड़ दी थीं। इससे पहले ऐसी ही कार्यवाही कौशाम्बी के भकन्दा गांव में 2019 में की गयी थी और कुशीनगर जिले की गंडक नदी और मिर्जापुर में गंगा किनारे यह कार्यवाही की गई थी ।
सरकार ने सभी किसानों की फसल सम्पूर्ण लागत के डेढ़़ गुना पर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने के लिए समिति गठित करने के अपने वायदे को पूरा नहीं किया है । इस दौर में यद्यपि धान की फसल की ज्यादा खरीद की गई, पर प्रति किसानों से 200 से 500 रुपये प्रति कुंतल की रिश्वत वसूलने के बाद ही खरीद केन्द्रों पर उनका अंगूठा लगा और उन्हें चेक दिया गया।
संयुक्त किसान मोर्चा का आग्रह है कि इस चुनाव में किसानों व मजदूरों को, उनके हक व अधिकारों पर हमला करने वाली और खेती में देशी विदेशी कारपोरेट का कब्जा कराने वाली आरएसएस-भाजपा की सरकार को हराने पर जोर देना चाहिए और अपनी मांगों पर संघर्ष बढ़ाना चाहिए।