भाजपा कार्यालय पर आरके ओझा का फूल-मालाओं के साथ स्वागत किया गया।
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वकालत से बार की शीर्ष राजनीति तक का सफर
38 वर्षों का कानूनी अनुभव रखने वाले राधाकांत ओझा ने वर्ष 1988 में इलाहाबाद हाईकोर्ट से वकालत की शुरुआत की थी। वे राज्य के प्रमुख वरिष्ठ अधिवक्ताओं में गिने जाते हैं। दो बार हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रहे। वे पहली बार 2015 में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चुने गए थे। इसके बाद दिसंबर 2021 में अधिवक्ताओं के भारी समर्थन के साथ वे पुनः अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुए। ओझा उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता स्वर्गीय केशरीनाथ त्रिपाठी के बेहद खास माने जाते थे। छात्र जीवन (1977) से शुरू हुआ यह जुड़ाव हाईकोर्ट में वकालत के दौरान और गहरा हुआ। ओझा के बड़े भाई शिवाकांत ओझा प्रतापगढ़ में रानीगंज से विधायक थे और सपा सरकार में शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे कई अहम मंत्रालयों में कैबिनेट मंत्री रहे।
राज्यसभा प्रत्याशी बनने पर भाजपा कार्यालय पर राधाकांत ओझा का स्वागत किया गया।
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भाजपा केंद्रीय चुनाव समिति ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष राधाकांत ओझा को राज्यसभा द्विवार्षिक चुनाव 2026 के लिए उम्मीदवार घोषित किया है। सोमवार को उम्मीदवारों की सूची जारी होने के बाद ओझा सबसे पहले संघ कार्यालय पहुंचे। इसके बाद सिविल लाइंस स्थित भाजपा कार्यालय में काशी क्षेत्र उपाध्यक्ष अवधेश चंद्र गुप्ता और महानगर अध्यक्ष संजय गुप्ता समेत कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत कर बधाई दी।
मीडिया से बातचीत में राधाकांत ओझा ने कहा कि वह भाजपा संगठन के बूथ स्तर के कार्यकर्ता रहे हैं और पार्टी ने जो भी जिम्मेदारी दी, उसका ईमानदारी से निर्वहन किया। राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने पर उन्होंने शीर्ष नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि भाजपा में सामान्य कार्यकर्ता भी संगठन के उच्च पद तक पहुंच सकता है। पार्टी ने उन पर जो विश्वास जताया है, उस पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी पूरी मजबूती से उतरेगी और विजय हासिल करेगी।
ओझा ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता जिम्मेदारियों से पीछे नहीं हटते। वह अधिवक्ताओं के हितों और भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ हमेशा खड़े रहेंगे। इस दौरान डॉ. शैलेश पांडेय, विक्रमजीत सिंह भदौरिया, आनंद सोनकर, प्रमोद मोदी, दीप द्विवेदी, राजेश गोंड, विवेक मिश्रा, पवन श्रीवास्तव, शुभम सिंह, दिलीप चौरसिया और अजय सिंह समेत कई अधिवक्ता मौजूद रहे।