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प्रयागराज: हाईकोर्ट बार एसोसिएएशन के दो बार अध्यक्ष रह चुके हैं राधाकांत, भाई थे यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री

Mon, 05 Oct 2026 04:33 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

राज्यसभा चुनाव से पहले भाजपा ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता राधाकांत ओझा को प्रत्याशी बनाकर सियासी और विधिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। दो बार हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रह चुके ओझा का वकालत से राज्यसभा तक का सफर अब नई राजनीतिक भूमिका की ओर बढ़ रहा है।

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राधाकांत ओझा को बधाई देते अधिवक्ता। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा दांव खेलते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता और इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष राधाकांत ओझा को अपना उम्मीदवार बनाया है। प्रतापगढ़ रानीगंज के मूल निवासी राधाकांत ओझा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन इलाहाबाद के दो बार अध्यक्ष रह चुके हैं। तीसरी बार अध्यक्ष बनने के लिए उन्होंने इस बार भी मैदान में थे लेकिन उन्हें तीसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा। प्रयागराज मे ओझा का बेली अस्पताल के पास स्टेनली रोड पर आवास है। राज्यसभा प्रत्याशी के नाम की घोषणा होने के बाद उनको बधाई देने वालों का तांता लग गया। बड़ी संख्या में लोग उनके आवास पर पहुंचने लगे। 

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सोमवार को घोषित भाजपा की आठ उम्मीदवारों की सूची में राधाकांत ओझा का नाम शामिल होने के बाद न्यायिक व राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। 16 अक्तूबर को होने वाले मतदान से पहले नामांकन प्रक्रिया छह अक्तूबर को संपन्न हो रही है। लंबे समय तक बार की राजनीति और वकालत में सक्रिय रहे ओझा का प्रत्याशी बनना क्षेत्र के विधिक समुदाय के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भाजपा कार्यालय पर आरके ओझा का फूल-मालाओं के साथ स्वागत किया गया। - फोटो : अमर उजाला।
वकालत से बार की शीर्ष राजनीति तक का सफर

38 वर्षों का कानूनी अनुभव रखने वाले राधाकांत ओझा ने वर्ष 1988 में इलाहाबाद हाईकोर्ट से वकालत की शुरुआत की थी। वे राज्य के प्रमुख वरिष्ठ अधिवक्ताओं में गिने जाते हैं। दो बार हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रहे। वे पहली बार 2015 में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चुने गए थे। इसके बाद दिसंबर 2021 में अधिवक्ताओं के भारी समर्थन के साथ वे पुनः अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुए। ओझा उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता स्वर्गीय केशरीनाथ त्रिपाठी के बेहद खास माने जाते थे। छात्र जीवन (1977) से शुरू हुआ यह जुड़ाव हाईकोर्ट में वकालत के दौरान और गहरा हुआ। ओझा के बड़े भाई शिवाकांत ओझा प्रतापगढ़ में रानीगंज से विधायक थे और सपा सरकार में शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे कई अहम मंत्रालयों में कैबिनेट मंत्री रहे।
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राधाकांत ओझा बोले- भाजपा में कार्यकर्ता को मिलता है सम्मान

राज्यसभा प्रत्याशी बनने पर भाजपा कार्यालय पर राधाकांत ओझा का स्वागत किया गया। - फोटो : अमर उजाला।

भाजपा केंद्रीय चुनाव समिति ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष राधाकांत ओझा को राज्यसभा द्विवार्षिक चुनाव 2026 के लिए उम्मीदवार घोषित किया है। सोमवार को उम्मीदवारों की सूची जारी होने के बाद ओझा सबसे पहले संघ कार्यालय पहुंचे। इसके बाद सिविल लाइंस स्थित भाजपा कार्यालय में काशी क्षेत्र उपाध्यक्ष अवधेश चंद्र गुप्ता और महानगर अध्यक्ष संजय गुप्ता समेत कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत कर बधाई दी।

मीडिया से बातचीत में राधाकांत ओझा ने कहा कि वह भाजपा संगठन के बूथ स्तर के कार्यकर्ता रहे हैं और पार्टी ने जो भी जिम्मेदारी दी, उसका ईमानदारी से निर्वहन किया। राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने पर उन्होंने शीर्ष नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि भाजपा में सामान्य कार्यकर्ता भी संगठन के उच्च पद तक पहुंच सकता है। पार्टी ने उन पर जो विश्वास जताया है, उस पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी पूरी मजबूती से उतरेगी और विजय हासिल करेगी।

ओझा ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता जिम्मेदारियों से पीछे नहीं हटते। वह अधिवक्ताओं के हितों और भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ हमेशा खड़े रहेंगे। इस दौरान डॉ. शैलेश पांडेय, विक्रमजीत सिंह भदौरिया, आनंद सोनकर, प्रमोद मोदी, दीप द्विवेदी, राजेश गोंड, विवेक मिश्रा, पवन श्रीवास्तव, शुभम सिंह, दिलीप चौरसिया और अजय सिंह समेत कई अधिवक्ता मौजूद रहे।

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