कोर्ट में कार्रवाई के लिए भेजी गई रिपोर्ट
इस मामले में मुकदमा स्पंज करने के साथ ही पुलिस ने शिकायतकर्ता के खिलाफ कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भी प्रेषित कर दी है। जिसमें बताया गया है कि उसने किसी को नुकसान पहुंचाने की नियत से झूठी शिकायत दर्ज कराई। ऐसे में उसका यह कृत्य भारतीय दंड विधान की धारा 182 के तहत दंडनीय है। गौरतलब है कि इस धारा के अनुसार, जो कोई भी किसी लोकसेवक को ऐसी सूचना, जिसके निराधार होने का उसे ज्ञान या विश्वास है, इस आशय से देगा कि लाेकसेवक विधिपूर्ण शक्ति का उपयोग करे जिससे कि किसी को क्षति या क्षोभ हो, तो उसे किसी एक अवधि के लिए कारावास जिसे छह महीने तक बढ़ाया जा सकता है या एक हजार रुपये के आर्थिक दंड या दोनों से दंडित किया जा सकेगा।