अब तक सचल दस्ते ने आधा दर्जन परीक्षा केंद्रों में सामूहिक नकल के मामले में पकड़े हैं और इन सभी मामलों को केंद्रों को तीन साल के लिए डिबार किया जा चुका है। छह एवं सात जून को दो परीक्षा केंद्रों में बड़ी संख्या में नकल सामग्री पकड़ी गई थी और परीक्षार्थियों के पास मोबाइल फोन भी मिले थे, जिसके जरिये उन्हें नकल कराई जा रही थी।
प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय में सत्र 2023-23 की स्नातक एवं परास्नातक की सेमेस्टर परीक्षाओं की कॉपियों के मूल्यांकन के बाद सामूहिक नकल के कुछ नए मामले सामने आ सकते हैं। अब तक सचल दस्ते ने आधा दर्जन परीक्षा केंद्रों में सामूहिक नकल के मामले में पकड़े हैं और इन सभी मामलों को केंद्रों को तीन साल के लिए डिबार किया जा चुका है।
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छह एवं सात जून को दो परीक्षा केंद्रों में बड़ी संख्या में नकल सामग्री पकड़ी गई थी और परीक्षार्थियों के पास मोबाइल फोन भी मिले थे, जिसके जरिये उन्हें नकल कराई जा रही थी। इससे पहले जिन केंद्रों में सामूहिक नकल के मामले पकड़े गए, वहां कोई नकल सामग्री नहीं मिली थी, लेकिन परीक्षार्थियों की कापियों का मिलान करने से पता चला था कि एक-एक लाइन मिलाकर लिखी गई थी।
इन सभी मामलों में उत्तर पुस्तिकाएं जब्त कर ली गईं थीं, जिनकी बाद में अलग से जांच कराई जाएगी। इसके साथ ही परीक्षाओं की सभी कॉपियों के मूल्यांकन के दौरान जांच की जाएगी कि उत्तर पुस्तिकाओं में लिखे वाक्य एक-दूसरे से मिल रहे हैं या नहीं। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि किन कॉलेजों में ऐसे मामले अधिक हैं, ताकि संबंधित कॉलेज पर भी कार्रवाई की जा सके।
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पिछले साल उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के दौरान ही सामूहिक नकल के कई मामले सामने आए थे और राज्य विवि ने नौ हजार से अधिक छात्रों की परीक्षा दोबारा कराई थी। इस बार नकल की सूचना मिलने पर सचल दस्ते ने आधा दर्जन केंद्रों में जाकर सामूहिक नकल के मामले पकड़े, लेकिन कई केंद्र ऐसे भी हो सकते हैं, जहां सचल दस्ता न पहुंच सका हो। मूल्यांकन के दौरान ऐसे ही केंद्रों में सामूहिक नकल के मामले सामने आ सकते हैं।