उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में रविवार को आयोजित दीक्षांत समारोह में उपाधि तथा मेडल पाने के मामले में छात्राएं छात्रों से आगे रहीं। समारोह में कुल 13022 छात्र-छात्राओं को उपाधि प्रदान की गई। इनमें 6664 छात्राएं हैं। कुल 20 में से 12 मेडल पर छात्राओं ने कब्जा जमाया। समारोह में अध्यक्षीय भाषण दे रहे राज्यपाल राम नाईक ने इसे महिला सशक्तिरण के लिए शुभ संकेत बताया।
राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में छात्राएं आगे निकल रही हैं। यह इस बात का संकेत है कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में देश आगे बढ़ रहा है। विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से उन्होंने विद्यार्थियों को हमेशा गतिमान रहने तथा कठिन परिश्रम की सीख दी। उन्होंने विद्यार्थियों से तकनीकी के साथ आगे बढ़ने की अपील भी की। समारोह में सत्र दिसंबर 2015 और जून 2016 के 13022 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की गई। 57 विद्यार्थियाें को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। सभी पाठ्यक्रमों में टॉपर पत्रकारिता एवं जन संचार में परास्नातक के छात्र प्रशांत कुमार सिंह को कुलाधिपति स्वर्ण पदक प्रदान किया गया।
प्रशांत को मानविकी विद्या शाखा से विश्वविद्यालय का स्वर्ण पदक भी दिया गया। प्रशांत वाराणसी के हरिश्चंद्र पीजी कालेज के केंद्र के छात्र रहे हैं। पहली बार शामिल पर्यावरण/गांधी चिंतन एवं शांति अध्ययन उत्कृष्ठता स्वर्ण पदक स्नातक स्तर पर सर्वोच्च अंक पाने वाले आजमगढ़ के विजय कुमार वर्मा को दिया गया। दिव्यांग मेधा स्वर्ण पदक बरौत की सुनीता पांडेय को मिला। इससे पहले कुलपति प्रो. एमपी दुबे ने अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने विश्वविद्यालय के बारे में विस्तार से जानकारी दी। समारोह में न्यायमूर्ति गिरिधर मालवीय, न्यायमूर्ति सुधीर नारायण, न्यायमूर्ति एमके मित्तल, पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री डॉ.नरेंद्र सिंह गौर समेत अनेक विश्वविद्यालयों के कुलपति तथा अन्य गणमान्य लोग शामिल रहे।
मुक्त विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी को डॉक्टर ऑफ लॉज (एलएलडी) की मानद उपाधि प्रदान की गई। उपाधि लेेने के बाद केशरीनाथ ने कहा कि यह उनके जीवन का अविस्मरणीय क्षण रहा। उन्होंने नैतिक शिक्षा को प्रभावी ढंग से न लागू करने पर चिंता जताई। केशरीनाथ ने कहा कि शिक्षा का आधार नैतिक और सांस्कृतिक होना चाहिए जो निराशा के अंधेरे से निकालकर रोशनी की ओर से लाती है। उन्होंने उपाधि पाने वाले विद्यार्थियों को बधाई देने के साथ उम्मीद जताई कि वे विश्वविद्यालय के आदर्श वाक्य ‘शिक्षार्थ आइए और सेवार्थ जाइए’ को चरितार्थ करेंगे।
राज्यपाल रामनाइक ने दीक्षांत समारोह में शामिल छात्र-छात्राओं तथा अन्य लोगों से मतदान में भाग लेने की अपील की। साथ में उन्होंने घोषणा की कि शत-प्रतिशत मतदान वाले बूथ के प्रतिनिधियों को राजभवन बुलाकर सम्मानित किया जाएगा।
राज्यपाल राम नाईक ने सभी से लोकतांत्रिक अधिकार के उपयोग की अपील की। इसके विपरीत दीक्षांत समारोह में शामिल लखनऊ की दीप्ति श्रीवास्तव मताधिकार का उपयोग नहीं कर पाईं। राजनीति विज्ञान से परास्नातक दीप्ति को समारोह में गोल्ड मेडल प्रदान किया गया, लेकिन रविवार को ही लखनऊ में मतदान था। ऐसे में वह वोट नहीं दे पाईं।
विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक समाज विज्ञान विद्या शाखा से लखनऊ अध्ययन केंद्र में पंजीकृत एमए राजनीति शास्त्र की छात्रा दीप्ति श्रीवास्तव, प्रबंधन अध्ययन विद्या शाखा की शिवांगी पुरवार, कंप्यूटर एवं सूचना विज्ञान से पंजीकृत एमसीए छात्रा निधि रानी चौबे, शिक्षा विद्या शाखा से अरशी फात्मा, विज्ञान विद्या शाखा से एमएससी जैव रसायन के छात्र अमरनाथ को मिला।
विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक मानविकी विद्या शाखा से आजमगढ़ अध्ययन केंद्र में पंजीकृत बीए के छात्र विजय कुमार शर्मा, समाज विज्ञान विद्या शाखा से वाराणसी अध्ययन केंद्र के बीए के छात्र मुन्नालाल प्रसाद, प्रबंधन अध्ययन विद्या शाखा से आजमगढ़ में पंजीकृत बीकॉम के आशीष कुमार राय, कंप्यूटर एवं सूचना विज्ञान विद्या शाखा से बलिया की बीसीए छात्रा आराधना तिवारी, शिक्षा विद्या शाखा इलाहाबाद के बीएड के छात्र मनोज कुमार शुक्ल तथा विज्ञान विद्या शाखा से आजमगढ़ की बीएससी छात्रा ममता पाल को प्रदान किया गया।
प्रो. एमपी दुबे कुलपति पर्यावरण, गांधी चिंतन एवं शांति अध्ययन उत्कृष्ठता स्वर्ण पदक स्नातक स्तर पर पर्यावरण संबंधी कोर्स में सर्वोच्च अंक पाने वाले आजमगढ़ के विजय कुमार वर्मा को दिया गया। प्रो. एमपी दुबे कुलपति दिव्यांग मेधा स्वर्ण पदक एमए शिक्षा शास्त्र की छात्रा सुनीता पांडेय को मिला। दानदाता स्वर्ण पदकों में ओम प्रकाश गुप्ता स्मृति स्वर्ण पदक इलाहाबाद की बीएड छात्रा शमामा परवीन, जोहरा अहमद मिर्जा स्मृति स्वर्ण पदक वाराणसी की एमसीए छात्रा निधि रानी चौबे, कैलाशपत नेवेटिया स्मृति स्वर्ण पदक इलाहाबाद की एमबीए छात्रा पल्लवी, अनिल-मीना चक्रवर्ती स्मृति स्वर्ण पदक स्नातक वर्ग में इलाहाबाद से पंजीकृत बीए की छात्रा वंदना कुमारी, पीजी में लखनऊ की एमए राजनीति शास्त्र की छात्रा दीप्ति श्रीवास्तव को मिला।
मुक्त विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में कुलपति तथा विश्वविद्यालय पदक पाने वाले प्रशांत कुमार सिंह पत्रकारिता के क्षेत्र में कॅरियर संवारना चाहते हैं। उन्होंने इसी विषय में परास्नातक किया है। मूलत: सोनभद्र के प्रशांत वर्तमान में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। दो पदक पाने वाली दीप्ति श्रीवास्तव शिक्षक बनना चाहती हैं। आजमगढ़ के विजय कुमार गुप्त पर्यावरण तथा वाराणसी की निधि रानी चौबे कम्प्यूटर के क्षेत्र में कॅरियर बनाना चाहती हैं।