हर दिन बदलते मौसम ने रविवार शाम अपने तेवर तीखे कर लिए। धूल भरी आंधी से परेशान हुए और बिजली उड़ गई। वहीं गंगापार और यमुनापार इलाके में आई तेज रफ्तार आंधी और बारिश से किसानों को भारी नुकसान हुआ। खेतों में गेहूं की तैयार खड़ी फसल लोट गई। खलिहानों में रखे बोझ और भूसा उड़ गया। आम के बौर और महुए को भी नुकसान पहुंचा। मौसम के इस तेवर से गेहूं की फसल की कटाई में लगे किसानों में भारी मायूसी है।
रविवार दोपहर आई तेज आंधी के साथ बारिश से यमुनापार के करछना समेत घटवा, बरदहा, डीहा, भड़ेवरा, धरवारा, रोकड़ी, मनैया लालापुर के चिल्ला, छतहरा, बसहरा, नगरवार, मानपुर, पूरे किन्नर आदि गांवों में किसानों को भारी नुकसान पहुंचा है। कटाई के बाद मड़ाई के लिए खलिहान में पड़े गेहूं के बोझ व भूसे को मौसम के तीखे तेवरों ने झटका दे दिया है। बारिश से खेतों में खड़े गेहूं के दाने काले पड़ने की आशंका है। अगर दाने काले हुए तो किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ेगा। वहीं आम और महुए की बागों को भी नुकसान पहुंचा है।
घूरपुर और जसरा के साथ सडवा इलाके में भी आंधी से किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। सुजौना के रमाकांत यादव, सेंधुवार के सुरेश सिंह, भीटा के दिनेश दूबे, जसरा के जवाहरलाल पाल, बरना के लालता प्रसाद आदि किसानों ने बताया कि उनके खेतों में रखे गेहूं के बंडल तेज आंधी की चपेट में आने से नष्ट हो गए और उड़ गए। इससे उनका हजारों का नुकसान हुआ।
गंगापार के हंडिया, सैदाबाद समेत भदोही की सीमा तक आंधी के बाद हुई बारिश ने किसानों को रोने पर मजबूर कर दिया। शाम करीब साढ़े पांच बजे तेज आंधी से गेहूं के बंधे गट्ठर खुलकर बिखर गए और उड़कर काफी दूर तक दूसरे खेतों में चले गए। भूसा भी हाथ नहीं आया। इलाके में कहीं-कहीं हुई तेज बारिश से भारी नुकसान हुआ।