करनाईपुर।गमरहटा गांव में ढहा कच्चा मकान, गृहस्थी तबाह। संवाद
जिले में बृहस्पतिवार को मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। सुबह से शाम तक रिमझिम बारिश होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली, लेकिन कई मोहल्लों में एक बार फिर जलभराव जैसी स्थिति बन गई।
पिछले एक पखवाड़े से ग्रामीण तेज धूप और उमस से परेशान थे। खेतों में धान की फसल में पानी की जरूरत थी, लेकिन लगातार उमस के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त था। बृहस्पतिवार सुबह करीब छह बजे हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई। देखते ही देखते बारिश ने जोर पकड़ लिया। ग्रामीण अजय कुमार और रामबाबू ने बताया कि इस बारिश से धान की फसल को काफी फायदा होगा।
इधर, नवाबगंज के कौड़िहार नूतन चौराहा और कौड़िहार अस्पताल रोड पर जलभराव से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जलालपुर चांधन उर्फ पीथीपुर सीएचसी कौड़िहार के पास बस्ती का पानी सड़क पर जमा हो गया है। प्रशासक विमला साहू ने बताया कि लोक निर्माण विभाग को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई। वहीं, करमा में सुबह शुरू हुई हल्की बारिश का सिलसिला शाम तक जारी रहा। घूरपूर में बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली।
करनाईपुर में बारिश से कच्चा मकान ढहा
तेज बारिश और जलभराव के बीच कच्चा मकान भरभराकर गिर गया। हादसे के समय परिवार के लोग बाल-बाल बच गए। बहरिया के गमरहटा गांव में शुक्रवार सुबह संतलाल यादव का मकान ढहा। लगातार बारिश से मकान की दीवारें कमजोर हो गई थीं। मकान गिरने से अनाज, कपड़े, बर्तन, बिस्तर और चारपाई समेत गृहस्थी का सामान मलबे में दब गया। बारिश से अनाज व कपड़े खराब हुए, बर्तन व अन्य सामान क्षतिग्रस्त हो गया। इस हादसे से परिवार को काफी आर्थिक नुकसान हुआ है। उनके सामने रहने का संकट है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से नुकसान का आकलन, आर्थिक सहायता व रहने की व्यवस्था की मांग की है। स्थानीय लोगों ने भी कमजोर कच्चे मकानों को लेकर चिंता जताई है।