प्रयागराज। करीब एक सप्ताह तरसाने के बाद बुधवार सुबह बरसे बादलों ने चिपचिपी गर्मी से तो राहत दे दी, लेकिन उमस बढ़ गई। तापमान अचानक करीब सात डिग्री लुढ़क गया। गर्मी से राहत के साथ जल जमाव और कीचड़ जैसी आफत भी मुसीबत बनी। कई मोहल्लों और चौराहों पर जलजमाव परेशानी का कारण बना रहा।
अचानक सक्रिय हुईं मानसूनी हवाओं ने बुधवार सुबह जोर पकड़ा। देखते ही देखते बादलों का रंग बदला और तेज बौछारों ने मौसम सुहाना बना दिया। 11 बजे थमी बारिश का जोर करीब एक बजे से फिर शुरू हुआ। दोपहर से रात तक रुक-रुक कर हो रही बारिश से अधिकतम तापमान 24 घंटे में ही 38 डिग्री से 30.9 पर आ गया। न्यूनतम तापमान भी करीब दो डिग्री कम होकर 27.5 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। वातावरण में नमी का स्तर बढ़ने से उमस सताती रही।
मौसम विज्ञानी प्रोफेसर एचएन मिश्रा के मुताबिक इस सप्ताह अभी चार दिन बारिश के आसार हैं। दो दिन तेज बारिश संग हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। इस बीच धूप खिली तो भी कमजोर रहेगा। बादलों की आवाजाही कहीं तेज तो कहीं औसत बारिश कराएगी।
48 घंटे झमाझम बारिश की चेतावनी
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले 48 घंटे में झमाझम बारिश की चेतावनी जारी की है। निदेशक के मुताबिक बुधवार से बारिश ने जोर पकड़ा है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
इन इलाकों में बढ़ी मुसीबत
बुधवार को दिन भर हुई बारिश से शहर के अल्लापुर, अलोपीबाग, बैरहना, रामबाग आरओबी के मेडिकल कालेज छोर, स्टेशन रोड पर मिनहाजपुर, स्टेशन के गेट नंबर तीन समेत दर्जन भर इलाकों में हल्की बारिश से हुआ जलजमाव परेशानी का कारण बना रहा। निरंजन डॉट पुल के नीचे घुटने तक पानी लगा रहा। कई लोगों के वाहन फंस गए। वहीं रामबाग आरओबी के मेडिकल कॉलेज छोर पर एक तरफ सीवर चैंबर का ओवरफ्लो होना और दूसरी तरफ बारिश का पानी जमा होने से राहगीर परेशान हुए।