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Prayagraj : माघ मेला में रेलवे लागू करेगा कलर कोडिंग व्यवस्था, महाकुंभ की तर्ज पर हो रही तैयारी

Fri, 28 Nov 2025 05:38 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

महाकुंभ मेला की तर्ज पर माघ मेला में भी यात्रियों के लिए प्रयागराज जंक्शन पर अलग-अलग रंग के यात्री आश्रय स्थल की सुविधा उपलब्ध होगी। इन आश्रय स्थलों के माध्यम से ही यात्रियों को माघ मेला अवधि में प्रवेश दिया जाएगा।
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प्रयागराज जंक्शन पर उमड़ी भीड़। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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महाकुंभ मेला की तर्ज पर माघ मेला में भी यात्रियों के लिए प्रयागराज जंक्शन पर अलग-अलग रंग के यात्री आश्रय स्थल की सुविधा उपलब्ध होगी। इन आश्रय स्थलों के माध्यम से ही यात्रियों को माघ मेला अवधि में प्रवेश दिया जाएगा। हर एक आश्रय स्थल के बाहर प्रमुख रूट के नाम लिखे होंगे।

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खास बात यह है कि जिस रंग का आश्रय स्थल होगा उस रंग के लिए एक दिशा तय होगी। इससे यात्रियों को भी अपने गंतव्य वाली ट्रेन और उसके प्लेटफॉर्म तक पहुंचने में आसानी होगी। उदाहरण के लिए प्रयागराज से किसी यात्री को पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन रूट की तरफ सफर करना है तो उसे जंक्शन पर नीले रंग वाले यात्री आश्रय स्थल से प्रवेश दिया जाएगा। इससे यात्री सीधे उस प्लेटफॉर्म पर पहुंचेगा जहां से उस रूट की ट्रेन आनी है।

बता दें कि महाकुंभ के दौरान भी यही व्यवस्था की गई थी। इससे यात्रियों को काफी राहत मिली थी। इसी वजह से रेलवे प्रशासन ने महाकुंभ की तरह इस बार माघ मेला में भी कलर कोड लागू करने का निर्णय लिया है। माघ मेला 2026 में इस बार देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है।
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इसी वजह से रेलवे प्रशासन ने प्रयागराज जंक्शन, प्रयागराज छिवकी एवं नैनी जंक्शन से यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगमता से उनके गंतव्य स्टेशन पर पहुंचने के लिए लाल, नीले, पीले व हरे रंग के चार यात्री आश्रय स्थल बनाए हैं। कलर कोडिंग मुख्य रूप से माघ मेला के स्नान पर्व पर लागू होगी। अगर सामान्य दिवसों में भी भीड़ रहती है तो रेलवे द्वारा कलर कोडिंग लागू की जा सकती है। कलर कोडिंग की व्यवस्था मुख्य स्नान पर्व के एक दिन पूर्व से लेकर एक दिन बाद तक लागू रहेगी।

कलर कोडिंग व्यवस्था से यात्रियों को आसानी से उचित प्लेटफॉर्म पर ट्रेन तक आसानी से भेजा जा सकेगा। सभी आश्रय स्थलों में खानपान स्टॉल, उद्घोषणा, पेयजल और सार्वजनिक शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। - अमित कुमार सिंह, पीआरओ, प्रयागराज मंडल

इस तरह से होगी यात्री आश्रय स्थलों की संभावित कलर कोडिंग
यात्री आश्रय स्थल संख्या कलर कोडिंग             संभावित रूट

एक                         लाल             लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या

दो                         नीला             पंडित दीन दयाल उपाध्याय, पटना, हावड़ा

तीन                         पीला             मानिकपुर, सतना, चित्रकूट, झांसी
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चार                         हरा             कानपुर, दिल्ली

नोट : गेट नंबर पांच से आरक्षित यात्रियों का प्रवेश होगा।

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