फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रेलवे ने आरपीएफ कर्मियों को कहा कोरोना वॉरियर्स

विज्ञापन
विज्ञापन
प्रयागराज। रेल सुरक्षा बल के जवान इन दिनों कुछ अलग ही भूमिका निभा रहे हैं। इनके कंधो पर रेल संपत्ति और ट्रेनों की सुरक्षा का दायित्व तो है ही अब यही जवान को रोना संक्रमण से इस मुश्किल घड़ी में भूखों का पेट भरने की जिम्मेदारी भी फाइटर्स के रूप में निभा रहे हैं। प्रयागराज जंक्शन हो या फिर रामबाग शहर के सभी स्टेशनों पर तैनात यह फाइटर खाने के पैकेट गरीबों एवं जरूरतमंदों के बीच उपलब्ध करा रहे हैं। इनकी सेवा को देखते हुए रेलवे अफसरों ने भी इन्हें आप कोरोना वॉरियर्स कहना शुरू कर दिया है । पूर्वोत्तर रेलवे ने प्रयागराज रामबाग के आरपीएफ प्रभारी राजेश कुमार को कोरोना वॉरियर्स डे का खिताब भी दे दिया है । खास बात यह है कि भोजन बनाने का दायित्व भी आरपीएफ जवान तमाम स्थानों पर खुद ही उठा रहे हैं। जंक्शन पर आईआरसीटीसी की बेस किचन भी आरपीएफ कर्मियों के लिए मददगार साबित हुई है। रामबाग के आरपीएफ प्रभारी राजेश कुमार बताते हैं कि बीते 10 दिन से वह और उनकी टीम के सदस्य अपने ही जो खर्चे से हर रोज 100 से ज्यादा लोगों को भोजन करवा रहे हैं। भोजन भी हर रोज अलग-अलग तरह का बनता है। उन्होंने बताया कि स्टेशन परिसर के बाहर ही भोजन का वितरण हर रोज दिन में किया जा रहा है। साथ ही इसके पूर्व परिसर में ही आरपीएफ के जवान खाना बनाते हैं। इसी कार्य को देखते हुए पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने राजेश कुमार समेत तीन आरपीएफ कर्मियों को कोरोना वॉरियर्स ऑफ द डे का खिताब देकर उन्हें सम्मानित भी किया । वहीं दूसरी ओर उत्तर मध्य रेलवे की आर पी एफ भी लगातार जरूरतमंद लोगों तक भोजन पहुंचा रही है। एनसीआर के सीपीआरओ अजीत कुमार सिंह ने बताया कि आरपीएफ कर्मियों द्वारा अब तक 20 हजार से ज्यादा लोगों तक भोजन पहुंचाया गया। आरपीएफ के प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त रविंद्र वर्मा की देखरेख में जोन के तीनों मंडलों में यह काम चल रहा है। आरपीएफ के प्रयागराज जंक्शन प्रभारी बी पी सिंह ने बताया कि आईआरसीटीसी की बेस किचन में हर रोज भोजन बनाया जाता है। औसतन 250 लोगों तक हर रोज भोजन पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वाशिंग लाइन और यार्ड में खड़ी ट्रेनों की सुरक्षा भी बढ़ाई गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें