2018 में ही जांच के दौरान पकड़ा गया था
फर्जी ईएफटी की शिकायत जब सामने आई तो 2018 में ही एक ट्रेन में जांच के दौरान उसे पकड़ा गया। तब उसके पास से फर्जी ईएफटी बरामद हुई। उसके खिलाफ जीआरपी में मुकदमा दर्ज हुआ। ंवह जेल भी गया। हालांकि बाद में उसकी रिहाई हो गई। इस बीच इस पूरे प्रकरण की जांच चलती रही। उस पर लगे आरोप सही पाए जाने पर रेल प्रशासन ने उसे बर्खास्त कर दिया। प्रयागराज मंडल के पीआरओ अमित सिंह ने प्रदीप मौर्य के बर्खास्तगी की पुष्टि की है।